
सूरजपुर : सूरजपुर जिले के प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह के बच्चों को शारदीय नवरात्रि पर्व पर शैक्षणिक भ्रमण के तहत विभिन्न दुर्गा पंडाल का भ्रमण कराया गया। संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला कलेक्टर रैना जमील की मंशानुरूप बच्चों को संस्कार एवं सांस्कृतिक विरासत को बताने की दृष्टि से आज बच्चों को नवरात्रि पर्व का महत्व बताते हुए नौ दिन में माता रानी के नौ रूपों में मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां कूष्माण्डा, मां कूष्माण्डा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां गौरी और मां सिद्धिदात्री का पूजन अर्चन कर सुख शांति एवं समृद्धि हेतु याचना की जाती है। अग्रसेन स्टेडियम में बच्चों को रावण, कुंभकरण तथा मेघनाथ के पुतलों को निर्माण होते हुए दिखाया गया। बच्चों ने निर्माण करने वाले कारिगरों से बनाने के तरीकों पर चर्चा किया गया।
संस्था प्रमुख द्वारा बताया गया कि दैत्यराज रावण, बाबा भोलेनाथ के अनन्य भक्त होते हुए भी दैत्य वंश में जन्म लेने के कारण अधर्म का साथ देते थे। राम-रावण का युद्ध धर्म और अधर्म के बीच युद्ध रूप में देखा जाता है। आज बच्चों को मां शेरावाली दुर्गा पूजा समिति, मां भवानी पूजा समिति, नवयुवक दुर्गा पूजा समिति पंडाल में माता रानी की झांकी का दर्शन करा प्रसाद में खिचड़ी, बूंदी तथा मालपुआ खिलाकर जिला चिकित्सालय सूरजपुर, संयुक्त जिला कार्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जन सेवा केंद्र, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत, अनुविभागीय दंडाधिकारी सूरजपुर, तहसील कार्यालय सूरजपुर, मां गायत्री मंदिर तथा गौशाला सूरजपुर का भ्रमण कराया गया तथा जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी के भतीजा विजय कुमार त्रिपाठी एवं बहू हरप्रिया के प्रथम पुत्री रत्न प्राप्ति के अवसर पर संक्षिप्त नेवता भोज आयोजित कर किया गया। यह आयोजन गौशाला प्रांगण सूरजपुर स्थित भोजन कक्ष में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित बच्चों को बूंदी, चाकलेट, समोसा एवं बालूशाही खिलाया गया।




















