
सूरजपुर: सूरजपुर जिले की बसदेई चौकी पुलिस ने ग्राम सोनपुर बरपारा में हुए नाहर सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस की विवेचना के अनुसार, नाहर सिंह की हत्या गांव के ही बालगोविन्द सिंह ने टांगी से सिर पर वार कर की थी। घटना के कुछ दिन बाद बालगोविन्द का शव भी उसके खेत के पास पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई टांगी जब्त कर ली है।
नाले के पानी में मिला था शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सोनपुर बरपारा निवासी जयलाल सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को बसदेई चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नाहर सिंह 10 अक्टूबर की रात से लापता था। 12 अक्टूबर की सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी कि नाहर सिंह का शव खेत के पास नाले के पानी में पड़ा है। शव के सिर पर चोट के निशान थे। आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने हथियार से हमला कर उसकी हत्या की है।शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 760/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने अज्ञात आरोपी की पहचान कर जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने मामले की विवेचना और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।इसी दौरान 14 अक्टूबर को ग्राम सोनपुर निवासी बालगोविन्द सिंह का शव उसके खेत के पास एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला।

पत्नी और बेटी के बयान से खुला राज
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को ग्रामीणों से पूछताछ और बालगोविन्द की पत्नी व बेटी के बयान के आधार पर मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। परिजनों ने बताया कि नाहर सिंह के व्यवहार से बालगोविन्द परेशान रहता था और कई बार उसे मारने की बात कह चुका था।
पूछताछ में सामने आया कि 10 अक्टूबर की रात नाहर सिंह और बालगोविन्द घर के पास बैठे बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान नाहर सिंह ने अपनी पत्नी और बेटे को फोन कर पूछा कि वे घर कब आएंगे। इसके बाद वह अपने घर चला गया। कुछ देर बाद बालगोविन्द घर पहुंचा और टांगी लेकर बाहर निकला। करीब एक घंटे बाद वह वापस आया। अगले दिन वह देर से उठा और गुमसुम रहने लगा।
पुलिस के मुताबिक, 12 अक्टूबर को नाहर सिंह का शव मिलने के बाद बालगोविन्द भी घटनास्थल पर गया था। पुलिस को देखकर वह घर लौट आया। उसने अपनी पत्नी से कथित तौर पर कहा कि उसने नाहर सिंह को मार दिया है और अब परिवार को कोई परेशान नहीं करेगा। इसके बाद वह उपचार कराने जाने की बात कहकर घर से निकल गया।नाहर सिंह के भाई तान सिंह ने भी पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले बालगोविन्द ने उससे कहा था कि उसका भाई नाहर सिंह उसे काफी परेशान कर रहा है।
टांगी जब्त, जांच में हत्या की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, विवेचना में सामने आया कि नाहर सिंह की हत्या बालगोविन्द ने टांगी से सिर पर वार कर की थी। इसके बाद बालगोविन्द ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई टांगी जब्त कर ली है।
पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और सीएसपी बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में की गई। इसमें निरीक्षक रूपेश कुंतल, चौकी प्रभारी बसदेई रघुवंश सिंह, एएसआई वरुण तिवारी, अमरेश सिंह, आरक्षक महेंद्र सिंह, निलेश जायसवाल, देवदत्त दुबे, महिला आरक्षक पूजन सिंह और सैनिक अनिल विश्वकर्मा की सक्रिय भूमिका रही।




















