रायपुर। छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी विभाग की हल्दी बीज वितरण योजना में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने जांच शुरू करा दी है। वर्ष 2026-27 के लिए संचालित राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों को करीब 6 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाना है। इसमें से अब तक लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर मामले की पड़ताल के लिए संचालनालय स्तर पर जांच टीम गठित की गई है। विभाग ने जिला अधिकारियों से हितग्राहियों को वितरित हल्दी बीज की मात्रा, उसकी गुणवत्ता, आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के विवरण और किसानों को जारी अनुदान की जानकारी मांगी है।

दस्तावेजों और भुगतान विवरण की होगी जांच

उद्यानिकी विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हल्दी बीज की रोपाई करने वाले किसानों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज, भुगतान का ब्योरा और फसल के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट तय समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाए। इन अभिलेखों के आधार पर शिकायतों की तथ्यात्मक जांच कर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

दोषी अधिकारियों और संस्थाओं पर होगी कार्रवाई

कृषि विभाग के मुताबिक, जांच में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित संस्था दोषी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट और तथ्यों की पुष्टि के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी। फिलहाल शिकायतों के आधार पर अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से होगा फसल का सत्यापन

जांच के तहत किसानों के खेतों में हल्दी की वास्तविक खेती और रोपित क्षेत्रफल का पता लगाने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बीज वितरण के रिकॉर्ड, आपूर्तिकर्ता संस्थाओं की जानकारी, देयकों, पंजीयन टैग और फसल के भौतिक सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।विभाग ने खेतों में लगी हल्दी फसल के जीपीएस आधारित फोटो भी जमा कराने को कहा है। इससे दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और खेतों की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सकेगा।

1300 हेक्टेयर में हल्दी उत्पादन विस्तार की योजना

राज्य में उद्यानिकी विभाग के माध्यम से इस योजना के तहत 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, स्वयं के स्तर पर प्रमाणित हल्दी बीज का रोपण करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 46 हजार रुपये तक अनुदान दिया जा सकता है।

जांच पूरी होने तक अनुदान भुगतान पर रोक

संचालक उद्यानिकी लोकेश कुमार ने बताया कि प्रमाणित हल्दी बीज के वितरण और फसल सत्यापन से संबंधित शिकायतों को देखते हुए विभाग ने फिलहाल अनुदान भुगतान की प्रक्रिया रोक दी है। जांच और सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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