
सूरजपुर: नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार से जुड़े एक मामले में सूरजपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी सुशील दास देवांगन को स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 21(सी) के तहत दोषी ठहराते हुए 13 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
इस मामले के अनुसार, 10 मार्च 2025 को झिलमिली पुलिस को मुखबिर से ग्राम दवना में नशीले इंजेक्शन रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्राम दवना निवासी सुशील दास देवांगन (28 वर्ष), पिता आनंद दास, के कब्जे से 430 नशीले इंजेक्शन बरामद किए थे। इनमें एविल के 220 और रेक्सोजेसिक के 210 इंजेक्शन शामिल थे।इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 47/2025 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की विवेचना शुरू की गई।प्रकरण के विवेचक सहायक उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह मरावी ने मामले में साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र विशेष एनडीपीएस न्यायालय, सूरजपुर में प्रस्तुत किया। मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रमेश सिंह कुशवाहा ने पैरवी की।
विशेष न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और एफएसएल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी सुशील दास देवांगन को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।




















