
Tallest Ravan Effigy Cost: देशभर में नवरात्रि का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। जगह-जगह दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए हैं और गरबा महोत्सवों की रौनक देखने को मिल रही है। नवरात्रि के समापन के बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इस मौके पर रावण दहन की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी विशाल रावण के पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में तैयार किया गया 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला खास चर्चा में है। इसकी लागत लाखों रुपये बताई जा रही है।
दिल्ली के द्वारका में बना 221 फीट ऊंचा रावण
दशहरा मेले के लिए दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में रावण का विशाल पुतला तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई 221 फीट बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसे इस साल देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले के तौर पर पेश किया जा रहा है।हर साल दशहरे पर देश के अलग-अलग शहरों में बड़े आकार के रावण बनाए जाते हैं। इन पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। द्वारका में तैयार यह विशाल संरचना भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
एक हजार से ज्यादा बांस और लोहे से तैयार हुआ पुतला
इतने विशाल पुतले को तैयार करना आसान काम नहीं है। जानकारी के मुताबिक, इसके निर्माण में एक हजार से ज्यादा बांस और बड़ी मात्रा में लोहे का इस्तेमाल किया गया है। पुतले का ढांचा तैयार करने से लेकर उसे खड़ा करने तक कारीगरों को काफी मेहनत करनी पड़ी।बताया जा रहा है कि इस विशाल पुतले को बनाने में तीन महीने से अधिक का समय लगा। इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ कारीगरों की मेहनत और ढांचे को खड़ा करने की व्यवस्था पर भी खर्च हुआ है।
रावण के पुतले को बनाने में कितना आया खर्च?
दिल्ली के द्वारका में तैयार किए गए 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले की अनुमानित लागत 38 लाख से 45 लाख रुपये या इससे अधिक बताई जा रही है। हालांकि, खर्च की अंतिम राशि की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।इस लागत में बांस, लोहे और अन्य निर्माण सामग्री के साथ कारीगरों की मजदूरी तथा विशाल ढांचे को तैयार करने से जुड़े खर्च शामिल बताए गए हैं। पुतले के आकार और निर्माण में लगने वाले समय को देखते हुए इसकी लागत काफी अधिक है।
हरियाणा के बराड़ा के कारीगरों ने किया निर्माण
जानकारी के मुताबिक, इस विशाल रावण के पुतले को हरियाणा के बराड़ा के कारीगरों ने तैयार किया है। कई महीनों की मेहनत के बाद इसका निर्माण पूरा किया गया है। दशहरा मेले में इसकी ऊंचाई और भव्यता लोगों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है।दशहरे पर रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के तहत देशभर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं। द्वारका में तैयार 221 फीट ऊंचे पुतले को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है।



















