दिल्ली : सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुखों को मुख्यमंत्री की बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार या उपराज्यपाल (LG) की ओर से बुलाई गई बैठकों में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों और जारी निर्देशों की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को देनी होगी। अधिकारियों की गैरमौजूदगी और जरूरी सूचनाएं साझा नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने गंभीर नाराजगी जताई है।

7 अक्टूबर के पत्र में अधिकारियों को सख्त हिदायत

जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (GAD) ने 7 अक्टूबर को जारी अपने पत्र में कहा कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार और उपराज्यपाल की बैठकों में लिए गए फैसलों तथा निर्देशों से मुख्यमंत्री कार्यालय को समय पर अवगत नहीं कराया जा रहा है।विभाग के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है। नए निर्देश में 28 अप्रैल को जारी पुराने आदेश का भी हवाला दिया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।

मुख्यमंत्री की बैठक को देनी होगी प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में CMO में आयोजित बैठकों को प्राथमिकता दी जाए। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे इन बैठकों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें।यदि किसी अधिकारी की पहले से निर्धारित बैठक और मुख्यमंत्री की बैठक का समय एक ही हो जाता है, तो संबंधित आयोजकों को CMO को पहले से सूचित करके बैठक का समय बदलने के लिए कहा गया है।यदि दोनों बैठकों के समय में बदलाव करना संभव नहीं है, तो अधिकारी को मामले की जानकारी पहले ही मुख्यमंत्री कार्यालय को देनी होगी, ताकि आगे के निर्देश प्राप्त किए जा सकें।

केंद्र और LG की बैठकों के फैसलों की जानकारी भी जरूरी

GAD के निर्देशों के अनुसार, भारत सरकार या उपराज्यपाल द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामिल होने वाले अधिकारियों को वहां लिए गए अहम फैसलों और जारी निर्देशों की जानकारी तुरंत मुख्यमंत्री तथा संबंधित मंत्री को देनी होगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार के शीर्ष स्तर पर जरूरी सूचनाएं समय पर पहुंचें और विभागीय कामकाज के दौरान किसी महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी छूट न जाए।

28 अप्रैल के आदेश में भी दिए गए थे निर्देश

नए पत्र के साथ 28 अप्रैल को जारी पिछला कम्युनिकेशन भी भेजा गया है। उस निर्देश में दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विभागों और संगठनों को कहा गया था कि केंद्र सरकार की ओर से नई योजनाओं या कार्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण पत्राचार और संदर्भों की जानकारी मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव के कार्यालयों तक पहुंचाई जाए।ऐसे मामलों में विभागों की ओर से दिए गए जवाबों को भी संबंधित कार्यालयों के साथ साझा करने के निर्देश थे। इसके अलावा, केंद्र सरकार की बैठकों में महत्वपूर्ण फैसले या निर्देश जारी होने पर वहां हुई चर्चा की जानकारी भी दोनों कार्यालयों को देने के लिए कहा गया था।

DSIIDC ने भी अपने विभागों को भेजा सर्कुलर

दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC) ने 13 अक्टूबर को सर्कुलर जारी कर GAD के निर्देशों को अपने सभी संबंधित डिवीजनों में सख्ती से लागू करने को कहा।सर्कुलर में चेतावनी दी गई कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले मामलों को उचित कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष रखा जा सकता है।

सरकारी कामकाज में बेहतर तालमेल पर जोर

दिल्ली सरकार के इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री कार्यालय, विभिन्न विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच समन्वय मजबूत करना है। साथ ही, केंद्र सरकार और उपराज्यपाल के साथ होने वाली बैठकों में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी समय पर मुख्यमंत्री तथा संबंधित मंत्रियों तक पहुंचाना भी इसका प्रमुख हिस्सा है।

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