
India Nepal Border Survey: भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में जनसंख्या के स्वरूप में हो रहे बदलाव को लेकर केंद्र सरकार सर्वे कराने की तैयारी कर रही है. इस कवायद का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति का आकलन करना और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों की पहचान करना है. गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां इन इलाकों की परिस्थितियों पर नजर रख रही है. सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है.
सीमावर्ती इलाकों की स्थिति का होगा आकलन
भारत-नेपाल सीमा के आसपास जनसंख्या में बदलाव और स्थानीय परिस्थितियों को समझने के लिए सर्वे की योजना बनाई जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों के सामने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने और संभावित चुनौतियों से निपटने की जिम्मेदारी है. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी सामने आती रही है. ऐसे में क्षेत्रवार जानकारी जुटाकर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरतों का आकलन करना अहम माना जा रहा है.
अमित शाह की बैठक के बाद बढ़ी हलचल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल की शुरुआत में बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमावर्ती इलाकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी. इसके बाद जनसंख्या में बदलाव और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए सर्वे की योजना पर काम आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई.सशस्त्र सीमा बल (SSB) के आईजी नीशित कुमार उज्ज्वल के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के आसपास आबादी में हो रहे बदलाव की समीक्षा के लिए सर्वे कराने की योजना पर काम चल रहा है. सुरक्षा एजेंसियां इन क्षेत्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है.
सर्वे के बाद बढ़ सकती है सुरक्षा तैनाती
फिलहाल भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में SSB की 35 से अधिक बटालियनें तैनात है. सर्वे पूरा होने के बाद संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया जा सकता है. इसके आधार पर सुरक्षा बलों की तैनाती की समीक्षा होगी.जरूरत सामने आने पर अतिरिक्त बटालियन तैनात करने और नए बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) स्थापित करने के प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजे जा सकते है. हालांकि, तैनाती और नए चौकियों को लेकर अंतिम फैसला सर्वे के निष्कर्षों तथा संबंधित एजेंसियों के आकलन के बाद ही लिया जाएगा.




















