
Riyadh Airport Houthi attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले को लेकर गंभीर स्थिति की खबर सामने आई है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर इस हमले का आरोप लगाया गया है। घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है। हालांकि, इन आंकड़ों और हमले से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।सऊदी अधिकारियों के हवाले से दी गई जानकारी में दावा किया गया है कि यह एक सप्ताह के भीतर हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किया गया तीसरा हमला है। इस घटनाक्रम के बाद हवाई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ा। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, शनिवार को रियाद पहुंचने वाली उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर भेजा गया और कुछ समय के लिए विमान सेवाएं रोकनी पड़ीं।
हमले में अलग-अलग देशों के नागरिकों की मौत का दावा
रिपोर्ट में सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के हवाले से बताया गया है कि मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक और बांग्लादेश के दो नागरिक शामिल थे। इसके अलावा अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक की मौत होने की जानकारी दी गई है।हालांकि, मृतकों की कुल संख्या और राष्ट्रीयता से संबंधित विवरण की पुष्टि आधिकारिक बयान या स्वतंत्र समाचार स्रोतों से किया जाना आवश्यक है।
एक सप्ताह में तीसरे हमले की खबर
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले हुए दो हमलों में चार लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं के दौरान हवाई अड्डे के टरमैक पर खड़े सऊदी अरब के एक वाणिज्यिक विमान को भी भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।यदि इन घटनाओं से संबंधित दावों की पुष्टि होती है, तो यह हवाई अड्डे की सुरक्षा और क्षेत्रीय विमान सेवाओं के संचालन के लिहाज से गंभीर घटनाक्रम होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई धमाके के बाद की स्थिति
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से दी गई जानकारी में एक प्रत्यक्षदर्शी ने धमाके के बाद हवाई अड्डे के अंदर कई लोगों को घायल अवस्था में पड़े देखने की बात कही। घटनास्थल की ओर एक दर्जन से अधिक एम्बुलेंस पहुंचने का भी उल्लेख किया गया है।एक घायल यात्री के मुताबिक, उन्होंने हवाई अड्डे के बाहर आसमान में कुछ उड़ते हुए देखा था। इसके बाद प्रस्थान द्वार के पास छत का एक हिस्सा गिरने की बात सामने आई। इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना के तकनीकी विवरण सामने आने के बाद ही हमले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर भेजा गया
हमले के बाद रियाद आने वाली उड़ानों को डायवर्ट किए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ समय के लिए विमान संचालन भी रोकना पड़ा। ऐसे हालात में यात्रियों को उड़ानों के समय, प्रस्थान और आगमन से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन तथा हवाई अड्डा प्राधिकरण की आधिकारिक सूचनाओं पर निर्भर रहना चाहिए।रियाद सऊदी अरब का प्रमुख शहरी और परिवहन केंद्र है। इसलिए यहां विमान सेवाओं में बाधा आने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हूती विद्रोहियों ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद हूती विद्रोहियों से जुड़े एक गुट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि उसने रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करा दिया है। गुट ने एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से दूर रहने की सलाह देने की बात भी कही।उसके बयान में सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकार की सैन्य कार्रवाई का उल्लेख किया गया। हालांकि, किसी संगठन की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने या उसके प्रभाव के बारे में दावा करने मात्र से उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो जाती। घटना की जिम्मेदारी, नुकसान की वास्तविक सीमा और हवाई अड्डे की मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
क्षेत्रीय तनाव के बीच विमान सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल
सऊदी अरब और यमन से जुड़े संघर्ष का असर लंबे समय से क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ता रहा है। हवाई अड्डों और नागरिक विमान सेवाओं को निशाना बनाए जाने की किसी भी घटना से यात्रियों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।फिलहाल, इस घटना में बताए गए हताहतों की संख्या, हमले के तरीके और हूती विद्रोहियों की भूमिका से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए विश्वसनीय आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।




















