
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। दिल्ली में लगातार तीन दिनों तक प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर फिर निशाना साधा। इस बीच राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। अब कांग्रेस नेता ने दक्षिण भारत में भी अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करते हुए चेन्नई में छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम शुरू किया है।
ज्ञानेश कुमार के साथ केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से हटने और मौजूदा सरकार के जाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की सक्रियता लगातार बनी हुई है। इस दौरान उनके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज होने की बात भी सामने आई है। कांग्रेस नेता चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष की मांग
राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने सहित कई मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था।
कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब और उचित कार्रवाई जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
चेन्नई में छात्रों के साथ संवाद करेंगे राहुल गांधी
दिल्ली में जारी राजनीतिक विरोध के बीच राहुल गांधी अब तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई पहुंचे हैं। यहां छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से वह युवाओं से बातचीत करेंगे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विषय चर्चा के केंद्र में रहने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी का छात्रों से सीधा संवाद पार्टी की राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों पर किया पलटवार
राहुल गांधी के बयानों पर बीजेपी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनावी नतीजों से निराश होकर चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
नितिन नवीन ने राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं के इरादे सफल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता और युवा वर्ग विपक्ष के बयानों तथा उसकी राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
चुनाव आयोग को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। एक तरफ राहुल गांधी इन मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी उनके आरोपों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रही है।
अब देखना होगा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन विवादों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और दिल्ली से शुरू हुई यह राजनीतिक बहस दक्षिण भारत में कांग्रेस के कार्यक्रमों के दौरान किस तरह आगे बढ़ती है।




















