
पितृ पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, प्रयागराज और अयोध्या से लेकर उत्तराखंड के हरिद्वार तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए गए। सुबह से ही घाटों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी और दिनभर धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
चित्रकूट में लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी, कामदगिरि की परिक्रमा की
धार्मिक नगरी चित्रकूट में पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने मंदाकिनी नदी में स्नान कर पूर्वजों के निमित्त तर्पण किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और कामदगिरि पर्वत की पंचकोसी परिक्रमा में हिस्सा लिया। रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज रही।
चित्रकूट में प्रत्येक अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन पितृ पक्ष के समापन पर यहां विशेष धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों से लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। व्यवस्था संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि लोगों को दर्शन, स्नान और परिक्रमा के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर स्नान और पिंडदान के लिए जुटे श्रद्धालु
प्रयागराज में सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। लोगों ने पवित्र जल में स्नान करने के बाद अपने दिवंगत परिजनों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए। संगम तट पर धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा।
धार्मिक परंपराओं में सर्वपितृ अमावस्या को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किए गए कर्मकांड से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। पितृ पक्ष के अंतिम दिन संगम क्षेत्र में इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
अयोध्या में सरयू स्नान कर श्रद्धालुओं ने पूर्वजों के लिए की प्रार्थना
रामनगरी अयोध्या में भी सर्वपितृ अमावस्या पर श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी रही। लोगों ने सरयू नदी में स्नान कर अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण किया। नदी के विभिन्न घाटों पर पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
पितृ पक्ष के समापन पर अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पारंपरिक विधि-विधान से अपने पूर्वजों का स्मरण किया। घाटों पर दिनभर धार्मिक गतिविधियां बनी रहीं और श्रद्धालु आस्था के साथ अनुष्ठानों में शामिल हुए।
कोलकाता में महालया पर गंगा घाटों में उमड़ी भीड़, पितरों के लिए हुआ तर्पण
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महालया के अवसर पर भी धार्मिक उत्साह दिखाई दिया। बागबाजार में शारदा मां के मंदिर के समीप स्थित गंगा घाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए तर्पण किया।
बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में महालया का विशेष स्थान है। इसे पितृ पक्ष की समाप्ति और देवी पक्ष के आरंभ से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन लोग पूर्वजों का स्मरण करने के साथ देवी दुर्गा के आगमन की तैयारियों से जुड़े धार्मिक आयोजनों में भी भाग लेते हैं।
पूर्वजों के स्मरण और धार्मिक परंपराओं के साथ हुआ पितृ पक्ष का समापन
सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर देश के विभिन्न तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी। कहीं पवित्र नदियों में स्नान हुआ, तो कहीं तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध के अनुष्ठान संपन्न किए गए। चित्रकूट, प्रयागराज, अयोध्या और कोलकाता सहित विभिन्न धार्मिक केंद्रों में उमड़ी भीड़ ने पितृ पक्ष के समापन पर लोगों की धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपराओं के प्रति जुड़ाव को दर्शाया।



















