
बलरामपुर: बलरामपुर जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रघुनाथनगर पुलिस ने मामले के कथित मुख्य आरोपी जितेन्द्र जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मवेशी तस्करी के संगठित नेटवर्क में स्थानीय सप्लायर और एजेंट की भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ मवेशी तस्करी से जुड़े तीन अन्य मामले भी पहले से दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को रघुनाथनगर पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केसारी से कुछ लोग मवेशियों को अवैध रूप से पैदल उत्तर प्रदेश की ओर ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव में घेराबंदी की।पुलिस को देखकर मवेशियों को ले जा रहे लोगों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने दीपक सोनवानी (24 वर्ष), निवासी ग्राम केसारी को मौके से गिरफ्तार किया और 34 भैंस एवं भैंसों को जब्त किया। वहीं, अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। इसी कार्रवाई के दौरान ग्राम केसारी निवासी जितेन्द्र जायसवाल (34 वर्ष), पिता हुकुमचंद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया।पुलिस का आरोप है कि जितेन्द्र स्थानीय गांवों और किसानों से कम कीमत पर मवेशी खरीदकर उन्हें एकत्र करता था। इसके बाद मवेशियों को जंगलों में छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने में उसकी भूमिका रहती थी। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पहले से दर्ज हैं तीन अन्य मामले
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जितेन्द्र जायसवाल के खिलाफ थाना रघुनाथनगर में मवेशी तस्करी से संबंधित तीन अन्य प्रकरण पहले से दर्ज हैं। इनमें अपराध क्रमांक 26/2026, 127/2021 और 124/2025 शामिल हैं। इन मामलों में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।वर्तमान मामले में अपराध क्रमांक 110/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2) और संबंधित पशु संरक्षण एवं पशु क्रूरता कानूनों के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर के दिशा-निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक रवि सिंह एवं रघुनाथनगर पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मवेशी तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और मामले में फरार अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।




















