
अंबिकापुर : कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। भगत ने बृहस्पति सिंह का नाम लिए बिना कहा कि पार्टी से बाहर किए गए नेताओं की वापसी पर अनुशासन समिति विचार कर सकती है। उन्होंने संबंधित नेताओं को धैर्य रखने और सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी।
भगत ने कहा - पार्टी के फैसले का इंतजार करें
अमरजीत भगत के मुताबिक जिन नेताओं के मामले अनुशासन समिति के सामने हैं, उन पर प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित नेता को धैर्य रखना चाहिए और पार्टी के झंडे के नीचे खड़े रहना चाहिए।भगत ने यह भी कहा कि अनुशासन समिति पहले भी कई निष्कासित नेताओं की वापसी पर फैसला कर चुकी है और आगे भी लंबित मामलों पर विचार किया जाएगा।
36 नेताओं की वापसी पर हुई थी चर्चा, बृहस्पति सिंह का मामला लंबित
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अनुशासन समिति ने सितंबर में निष्कासित नेताओं की वापसी से जुड़े 36 मामलों पर चर्चा की थी। इसके बाद 20 नेताओं का निष्कासन रद्द कर दिया गया, जबकि 16 मामलों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ। इनमें बृहस्पति सिंह के अलावा अमित जोगी और रेणु जोगी के नाम भी शामिल हैं।बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में दोबारा शामिल किए जाने के लिए आवेदन किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनके मामले पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सिंह को किन मामलों के बाद पार्टी से किया गया था निष्कासित
बृहस्पति सिंह को कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के पीछे पार्टी के भीतर हुए विवाद और उनके सार्वजनिक बयानों को प्रमुख वजह बताया गया था। इसके अलावा 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय तिर्की के खिलाफ काम करने के आरोप भी उन पर लगाए गए थे।अब उनकी वापसी का मामला कांग्रेस की अनुशासन समिति के स्तर पर लंबित है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल करने का निर्णय कब लिया जाएगा।
अमरजीत भगत के बयान के बाद फिर सामने आया वापसी का सवाल
पार्टी के कई निष्कासित नेताओं की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद बृहस्पति सिंह का मामला भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।ऐसे में अमरजीत भगत का बयान इस बात का संकेत जरूर देता है कि लंबित मामलों पर अनुशासन समिति आगे भी विचार कर सकती है, लेकिन बृहस्पति सिंह की वापसी को लेकर अंतिम निर्णय फिलहाल सामने नहीं आया है।




















