
अंबिकापुर: संगम चौक पर परिजनों से बिछड़े दो मासूम बच्चों को कोतवाली पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते कुछ ही घंटों में उनके परिवार से मिला दिया गया। बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने सरगुजा पुलिस का आभार जताया।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में गुम एवं लावारिस बच्चों के मामलों में पुलिस को त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में 2 अक्टूबर को संगम चौक अंबिकापुर में दो बच्चों के लावारिस हालत में घूमने की सूचना पुलिस को मिली।सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आसपास के जिम्मेदार नागरिकों की मदद से दोनों बच्चों को सुरक्षित थाने लाया गया। पुलिसकर्मियों ने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत कर उनके घर और परिजनों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुछ ही घंटों में दोनों बच्चों के परिजनों का पता लगा लिया गया। परिजनों के थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों मासूमों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और सरगुजा पुलिस की तत्परता एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक कुश सोनी एवं नगर सैनिक संतोष पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















