
उत्तर प्रदेश: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया। जिला अदालत ने सौरभ की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने अभी सजा तय नहीं की है। दोनों को कितनी सजा दी जाएगी, इस पर 14 अक्टूबर को सुनवाई होगी। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
मार्च 2025 में सामने आया था पूरा मामला
यह मामला 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। पुलिस जांच के अनुसार, सौरभ को पहले खाने में नींद की दवा दी गई थी। इसके बाद उनकी हत्या की गई और शव को छिपाने के लिए उसके टुकड़े कर एक नीले ड्रम में सीमेंट भरकर बंद कर दिया गया। इसी वजह से यह मामला ब्लू ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ।पुलिस ने जांच के दौरान सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया था। अदालत में अभियोजन ने परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
हत्या के बाद हिमाचल गई थी मुस्कान और साहिल
पुलिस के मुताबिक, सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके में छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश चली गई थी। दोनों वहां कुछ समय रहे। बाद में मुस्कान मेरठ वापस आई। इसी दौरान सौरभ के लापता होने को लेकर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और 18 मार्च 2025 को घर से नीले ड्रम में छिपा शव बरामद किया गया।इसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था।
126 तारीखों पर हुई सुनवाई, 22 से ज्यादा गवाह पेश
इस केस की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। अदालत में कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन ने मामले से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य सबूत अदालत के सामने रखे।बचाव पक्ष की ओर से यह दलील भी रखी गई कि हत्या का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना।
अब नजर 14 अक्टूबर की सुनवाई पर
30 सितंबर को दोषसिद्धि के बाद अब मामले का अगला चरण सजा तय करने का है। अदालत 14 अक्टूबर को दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा के बिंदु पर फैसला करेगी। अभियोजन पहले ही दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग कर चुका है, जबकि अंतिम सजा अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।




















