रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चर्चित ढेबर परिवार को 50 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। घटना की शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विदेशी नंबर से आया धमकी भरा कॉल

मिली जानकारी के मुताबिक, ढेबर परिवार के सदस्य को धमकी भरा फोन आया था। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कॉल विदेशी नंबर से किया गया था। फोन करने वाले ने 50 करोड़ रुपये की मांग रखी और खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया। कॉल के दौरान अनवर ढेबर और एजाज ढेबर का नाम भी लिया गया।हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि धमकी देने वाला वास्तव में किसी संगठित गैंग से जुड़ा है। रायपुर पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कहीं किसी ने बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर डर पैदा करने और रंगदारी वसूलने की कोशिश तो नहीं की।

साइबर टीम ने शुरू की तकनीकी जांच

शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम फोन नंबर और कॉल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कॉल डिटेल, नंबर की तकनीकी जानकारी और अन्य उपलब्ध सबूतों के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कॉल किस स्थान से किया गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या नेटवर्क काम कर रहा है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इंटरनेट कॉलिंग या किसी अन्य तकनीक के जरिए नंबर की पहचान छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई।

अमन साव कनेक्शन भी जांच के दायरे में

धमकी देने वाले की ओर से बिश्नोई गैंग के साथ अमन साव गैंग का नाम लिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में पुलिस पुराने संपर्कों और संभावित कनेक्शन को भी खंगाल रही है। एजाज ढेबर को मिले कथित धमकी कॉल में इन नामों का इस्तेमाल क्यों किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।पुलिस परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाल के दिनों में किसी व्यक्ति से विवाद, पुरानी दुश्मनी या किसी अन्य घटना का इस धमकी से कोई संबंध है या नहीं।

गैंग का असली कनेक्शन या सिर्फ नाम का इस्तेमाल?

फिलहाल जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि 50 करोड़ रुपये की मांग करने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या उसने कुख्यात गैंग का नाम लेकर परिवार को डराने की कोशिश की है। पुलिस ने अभी तक कॉल करने वाले की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।तकनीकी जांच पूरी होने और आरोपी की पहचान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस धमकी के पीछे कौन है और उसका किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!