
सूरजपुर: कलेक्टर रेना जमील ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार के वितरण एवं उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने केंद्रों में बच्चों को निर्धारित मेन्यू अनुसार पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता एवं नियमितता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कुपोषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण संबंधी गतिविधियों के संचालन के बावजूद कुपोषण की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों की नियमित एवं गहन मॉनिटरिंग करते हुए प्रत्येक बच्चे के पोषण स्तर में सुधार में विशेष ध्यान दें। उन्होंने कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए मैदानी अमले को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृत शौचालयों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी भवनों में पेयजल, विद्युत एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए जहां आवश्यक हो वहां समयबद्ध रूप से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष हितग्राहियों की ई-केवाईसी का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं सुकन्या समृद्धि योजना की भी समीक्षा की तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बाल विवाह मुक्ति जागरूकता अभियान की जानकारी लेते हुए अभियान को ग्राम एवं मैदानी स्तर तक प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए जनजागरूकता के साथ-साथ सतत निगरानी एवं सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। बैठक में कलेक्टर ने बाल कल्याण समिति सहित अन्य बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की भी जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती जमील ने लंबित प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में कार्यक्रम अधिकारी शुभंम बंसल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल और सभी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




















