
बिलासपुर। खपरगंज में दो गुटों के बीच हुए विवाद और पुलिस पर पथराव के मामले में मंगलवार शाम एक अहम घटनाक्रम सामने आया। मामले में फरार चल रहे आरोपी और आदतन बदमाश सोहेल खान ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के बाद उसे हिरासत में लेकर एसीसीयू की टीम ने देर रात तक पूछताछ की।
सोहेल ने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष भी रखा। उसका दावा है कि जिस समय विवाद और पथराव हुआ, उस दौरान वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। उसने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर मामले में फंसाया जा रहा है। पुलिस अब उसके बयान की जांच के साथ घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
मीडिया के सामने बोला- घटना में शामिल नहीं था
पुलिस के सामने पहुंचने से पहले सोहेल खान ने मीडिया से बातचीत की। उसने कहा कि उसे मोहल्ले के कुछ युवकों के विवाद में शामिल होने की जानकारी मिली थी और वह घर से निकलने वाला था, लेकिन परिवार के लोगों ने उसे घर में ही रोक दिया।
सोहेल ने यह भी दावा किया कि इससे पहले उसे आत्महत्या से जुड़े एक मामले में भी फंसाया गया था। उसने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के बाद ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजनों से पूछताछ के बाद सामने आया आरोपी
सोहेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। उसके रिश्तेदारों के घरों पर भी तलाश की गई। पुलिस ने उसके कुछ परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ की थी। इसके बाद मंगलवार शाम सोहेल खुद पुलिस के सामने पहुंच गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद एसीसीयू की टीम ने उससे घटना को लेकर लंबी पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और अन्य फरार आरोपी कहां छिपे हैं। पुलिस की ओर से उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
12 आरोपी गिरफ्तार, फिर भी कई नाम जांच के घेरे में
पुलिस इस मामले में अब तक दोनों पक्षों से कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एक पक्ष के खिलाफ ज्यादा कार्रवाई की जा रही है, जबकि दूसरे पक्ष से पूछताछ के बाद कुछ युवकों को छोड़ दिया गया।
मंगलवार को भी पुलिस ने मामले से जुड़े कई लोगों को सिटी कोतवाली बुलाया था। उनसे विवाद के समय मौजूद लोगों और पथराव की पूरी घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की गई। बयान दर्ज करने के बाद कुछ लोगों को छोड़ दिया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट और पुरानी रंजिश से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, खपरगंज इलाके में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हुई और देखते ही देखते पथराव होने लगा।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया। घटना में तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
धारा 144 के बीच पुलिस का फोकस अब फरार आरोपियों पर
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और धारा 144 लागू है। एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। अलग-अलग टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले में दूसरे पक्ष का मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह अब भी फरार बताया जा रहा है। सोहेल से पूछताछ के बाद पुलिस को उसके और अन्य फरार आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।




















