मध्य प्रदेश : पंचायत और नगरीय निकायों के उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के जारी कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। इस चुनाव प्रक्रिया में सरपंच, पंच, नगरीय निकाय अध्यक्ष और पार्षद समेत 4 हजार से अधिक रिक्त पदों पर मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।प्रदेश में 110 सरपंच और 4090 पंच पदों के साथ तीन नगरीय निकाय अध्यक्षों तथा 26 पार्षद पदों के लिए उपचुनाव होगा।

पहली बार पंचायत उपचुनाव में EVM का इस्तेमाल

इस उपचुनाव की सबसे खास बात इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का उपयोग है। पंचायत और नगरीय निकाय उपचुनाव में पहली बार EVM के जरिए मतदान कराया जाएगा।नगरीय निकाय क्षेत्रों में मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाल सकेंगे। वहीं पंचायत क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है।

मतगणना और परिणाम की तारीख भी तय

नगरीय निकायों की मतगणना 3 अक्तूबर को होगी और इसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतगणना के रुझान सुबह 9 बजे से सामने आने शुरू होंगे।पंचायत चुनाव में पंच पद के मतों की गिनती मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित मतदान केंद्र पर ही की जाएगी।सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य पदों की मतगणना 3 अक्तूबर को सुबह 8 बजे शुरू होगी। जिला पंचायत सदस्य और पंच पद से जुड़े परिणाम 5 अक्तूबर को सुबह 10.30 बजे घोषित किए जाएंगे।

नामांकन से मतदान तक जानें पूरा कार्यक्रम

  • 8 सितंबर 2026 से नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे।
  • 15 सितंबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख होगी।
  • 16 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
  • 18 सितंबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे।
  • इसी दिन प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
  • 29 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।

तीन नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला

प्रदेश में तीन नगरीय निकाय अध्यक्ष पदों पर भी उपचुनाव होना है। आगर मालवा जिले की सुसनेर नगर परिषद, टीकमगढ़ नगर पालिका और धार जिले की कुक्षी नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा।इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, सागर, कटनी, खंडवा, दमोह, नर्मदापुरम, बैतूल, दतिया, अनूपपुर, सीहोर, विदिशा और धार जिलों में पार्षद पदों के लिए उपचुनाव होंगे।

29 सितंबर पर टिकी प्रदेश की नजर

उपचुनाव के जरिए स्थानीय निकायों और पंचायतों के खाली पदों को भरा जाएगा। पहली बार EVM के इस्तेमाल के कारण यह चुनाव प्रक्रिया भी खास रहने वाली है। अब नामांकन शुरू होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है और 29 सितंबर को मतदाता इन पदों के लिए अपना फैसला सुनाएंगे।

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