नेपाल : आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे से तीसरे दिन भी शव बरामद होने का सिलसिला चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।नेपाल सरकार के अनुसार 1500 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग देशों के नागरिक भी इस आपदा की चपेट में आए हैं। लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। नेपाली सेना प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही है।

मलबे और कीचड़ में जारी है जिंदगी की तलाश

बचाव अभियान में लगे सेना के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने के दौरान लगातार शव मिल रहे हैं। कुछ स्थानों पर मानव शरीर के अलग-अलग अंग भी बरामद किए गए हैं। भारी कीचड़ और नदी क्षेत्रों में फैले मलबे के कारण तलाशी अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की जानकारी हासिल करने के लिए अस्पतालों और अन्य राहत केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से लापता लोगों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है।

अब भी सैकड़ों लोगों का कोई सुराग नहीं

नेपाल पुलिस के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से हेलीकॉप्टर के जरिए 796 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 50 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी भी दर्ज की है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किल के बावजूद बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। सेना और अन्य राहत एजेंसियां नदी किनारे, मलबे से भरे इलाकों और प्रभावित बस्तियों में खोज अभियान तेज कर रही हैं।

तिब्बत की ओर से आया पानी, फिर बाढ़ का खतरा कायम

बताया गया है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में पहुंचा था। इस आपदा के बाद एक झील में बड़ी मात्रा में पानी जमा होने की बात सामने आई है। यदि यह जलाशय या झील दोबारा टूटती है तो निचले इलाकों में फिर से बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए बढ़ाया हाथ

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है।इनमें त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 नागरिक शामिल हैं। भारत ने नेपाल को राहत एवं बचाव अभियान में सहायता देने की पहल भी की है।

कई देशों ने राहत के लिए बढ़ाया सहयोग

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता का सिलसिला शुरू हो गया है। अमेरिका ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 5 लाख डॉलर देने की घोषणा की है। ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड की मदद के साथ आपातकालीन टीम भेजने की बात कही है।श्रीलंका ने भी राहत कार्यों के लिए 10 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। भारत ने भी आपदा के बाद नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और बचाव सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं।फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाना और संभावित दूसरी बाढ़ के खतरे से प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखना है। बचाव दल लगातार मलबे और नदी क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!