
भारत : श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में सरफराज खान को बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिला, लेकिन उनकी मौजूदगी फील्डिंग के दौरान खूब चर्चा में रही। शॉर्ट लेग पर तैनात सरफराज लगातार श्रीलंकाई बल्लेबाजों से बातचीत करते नजर आए और अपनी बातों से बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे।श्रीलंका की पारी के 35वें ओवर में कप्तान धनंजय डी सिल्वा क्रीज पर थे और मानव सुथार गेंदबाजी कर रहे थे। गेंद डाले जाने से ठीक पहले धनंजय अपनी स्थिति से हटे तो सरफराज ने उनसे बातचीत शुरू कर दी।
सरफराज की बात के बाद बदला माहौल
सरफराज ने धनंजय से कहा कि वे समय बर्बाद न करें और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करें। उन्होंने मैदान की दिशा की ओर इशारा करते हुए श्रीलंकाई कप्तान को खेलने के लिए उकसाया।इसके कुछ ही देर बाद धनंजय ने सुथार की गेंद पर बल्ला लगाया और गेंद किनारा लेते हुए विकेट के पीछे की दिशा में चली गई। केएल राहुल ने कैच लपककर श्रीलंकाई कप्तान की पारी समाप्त कर दी।धनंजय डी सिल्वा केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उन्होंने 14 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
सरफराज के जश्न ने भी खींचा ध्यान
विकेट गिरते ही सरफराज ने जोरदार अंदाज में जश्न मनाया। शॉर्ट लेग पर उनकी लगातार बातचीत के कारण अंपायर ने उन्हें पहले भी टोका था। हालांकि, सरफराज का आक्रामक और मजाकिया अंदाज फील्डिंग के दौरान भारतीय टीम के लिए अतिरिक्त ऊर्जा पैदा करता दिखाई दिया।
पहले टेस्ट में भी दिखी थी ऐसी नोकझोंक
भारत और श्रीलंका की इस टेस्ट सीरीज में मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बातचीत और स्लेजिंग के कई मौके देखने को मिले हैं। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में यशस्वी जायसवाल और निरोशन डिकवेला के बीच बातचीत चर्चा में रही थी। इसके बाद कोलंबो टेस्ट में भी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर तीखी बातचीत देखने को मिली।सरफराज ने इस मुकाबले में बल्ले से योगदान नहीं दिया, लेकिन उनकी फील्डिंग और लगातार बातचीत ने यह जरूर दिखाया कि टेस्ट क्रिकेट में प्रभाव डालने के लिए हर बार बल्लेबाजी करना जरूरी नहीं होता।




















