
कुसमी। ग्राम पंचायत जमीरापाठ में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) द्वारा संचालित बॉक्साइट उत्खनन परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने रोजगार सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के संचालन से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों एवं बेरोजगार युवाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने सहित कई मांगें रखी हैं। उक्त मांगे पूरी नही किए जाने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी हैं।
17 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत जमीरापाठ में ग्रामीणों की ओर से तैयार ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कुसमी के नाम पर एसडीएम की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने ज्ञापन नायब तहसीलदार कुसमी अनुग्रह केरकेट्टा को सौंपा। नायब तहसीलदार ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे संबंधित अधिकारी तक अग्रेषित किए जाने की बात कही।
परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद..
ज्ञापन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत जमीरापाठ क्षेत्र में सीएमडीसी द्वारा बॉक्साइट उत्खनन परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के शुरू होने से ग्रामीणों को उम्मीद थी कि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और मजदूरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे युवा एवं मजदूर हैं जो रोजगार के लिए बाहर जाने को मजबूर होते हैं। ऐसे में क्षेत्र में संचालित बॉक्साइट परियोजना में स्थानीय लोगों को उनकी योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप रोजगार मिलने से उन्हें काफी लाभ हो सकता है।
बाहरी लोगों को काम दिए जाने का आरोप..
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि बॉक्साईट परियोजना से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों की अपेक्षा बाहरी लोगों को रोजगार दिए जाने की स्थिति सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि काम की तलाश में स्थानीय युवा और मजदूर उपलब्ध हैं, इसके बावजूद यदि परियोजना में बाहर से श्रमिक अथवा कर्मचारी लाए जा रहे हैं तो इस व्यवस्था पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों एवं मजदूरों की स्थिति की जानकारी लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि रोजगार के अवसरों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिले।
सड़क निर्माण के दौरान भी हुआ था ग्रामीणों का विरोध..
ग्रामीणों के अनुसार, बॉक्साइट खदान को मुख्य सड़क से जोड़ने और बॉक्साइट के परिवहन के लिए ठेकेदार द्वारा करीब दो माह पूर्व ग्राम के मुख्य मार्ग से कच्ची सड़क निर्माण का भूमि पूजन किया गया था। सड़क निर्माण के दौरान भी ग्रामीणों ने मुख्य सड़क से बॉक्साइट परिवहन किए जाने को लेकर विरोध जताया था। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय तेजस कार्गो के कर्मचारियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने तथा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इन आश्वासनों के बाद सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया गया। अब ग्रामीणों द्वारा रोजगार को लेकर पुनः ज्ञापन सौंपे जाने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सीएमडीसी, ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच बैठक की मांग..
ज्ञापन में ग्रामीणों ने सीएमडीसी, संबंधित ठेकेदार तथा स्थानीय ग्रामीणों के बीच प्रशासन की मौजूदगी में बैठक कराने की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि बैठक के माध्यम से रोजगार सहित परियोजना से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट चर्चा की जा सकती है और आपसी सहमति से समाधान निकाला जा सकता है। इसके अलावा ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़े कार्यों में स्थानीय समस्याओं का निराकरण कराने, शासन के नियमों एवं प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने की मांग की है।
स्थानीय बेरोजगार युवाओं की सूची भी प्रस्तुत..
ग्रामीणों ने ज्ञापन के साथ स्थानीय बेरोजगार युवाओं एवं मजदूरों की सूची तथा ग्रामीणों के समर्थन व हस्ताक्षर से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सूची में शामिल स्थानीय युवाओं की योग्यता एवं कार्यक्षमता के अनुसार उन्हें परियोजना में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य बॉक्साईट परियोजना के विकास कार्य में बाधा उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि क्षेत्र में संचालित परियोजना का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिले। उनका कहना है कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा तो इससे क्षेत्र में पलायन कम करने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
सांसद, विधायक सहित अधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि..
ज्ञापन की प्रतिलिपि सरगुजा लोकसभा सांसद चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा, कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज, जिला खनिज अधिकारी, थाना प्रभारी सामरी, कुसमी, सीएमडीसी, नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन कुसमी तथा संबंधित ठेकेदार को भी प्रेषित किए जाने का उल्लेख है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमडीसी परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों एवं बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने तथा उनकी अन्य मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।




















