{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":[],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"resize":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले 111 भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब 25 और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही इस्तीफा देने वालों की कुल संख्या बढ़कर 136 हो गई है। सामूहिक इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डोंगरगढ़ भाजपा संगठन में चल रही गुटबाजी और असंतोष एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

बताया जा रहा है कि जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के मंत्री बलविंदर सिंह विक्की और पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष एम. तुलसी के नेतृत्व में 25 कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष को अपना सामूहिक इस्तीफा भेजा है। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि संगठन में मनमानी, पक्षपात और परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे संगठन के भीतर नाराजगी बढ़ रही है।



वहीं, पूर्व शहर मंडल महामंत्री संतोष राव ने भी मंडल अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संगठन में पदों का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया और केवल चुनिंदा लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडल अध्यक्ष स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के बजाय एक व्यक्ति के इशारे पर काम कर रहे हैं।

भाजपा में लगातार हो रहे इस्तीफों को लेकर डोंगरगढ़ से कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने भी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है, लेकिन अब भाजपा के अपने कार्यकर्ता ही संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि डोंगरगढ़ में भाजपा का संगठन अंदर से कमजोर होता जा रहा है और कार्यकर्ताओं का भरोसा पार्टी नेतृत्व से उठता दिखाई दे रहा है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लगातार बढ़ते इस्तीफों ने डोंगरगढ़ भाजपा की संगठनात्मक स्थिति और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!