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बलरामपुर:  जल जीवन मिशन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित सुजल ग्राम संवाद के नौवें चरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत कोटडीह ने प्रतिनिधित्व किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस संवाद में छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत कोटडीह के प्रतिनिधियों से गांव में पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव, जल बहिनियों द्वारा फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पेयजल गुणवत्ता परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पेयजल हेतु निर्धारित मासिक उपयोगकर्ता शुल्क, योजना के संचालन एवं संधारण तथा सामुदायिक सहभागिता पर विस्तृत चर्चा की गई।

संवाद के दौरान जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने ग्राम पंचायत कोटडीह की सरपंच, सचिव एवं जल बहिनियों से विशेष चर्चा कर ग्राम की पेयजल व्यवस्था, योजना के संचालन तथा समुदाय की सहभागिता के संबंध में जानकारी ली। कार्यक्रम में ग्रामवासियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल का समुचित एवं जिम्मेदार उपयोग करने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया गया।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी भी संवाद में शामिल हुईं। उन्होंने जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के समन्वय से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा आगामी कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।

कलेक्टर ने जिले में सोर्स सस्टेनेबिलिटी को सुदृढ़ करने के लिए, 5 प्रतिशत स्ट्रक्चर मॉडल, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण एवं उनके प्रभाव की जानकारी दी। जल संरक्षण एवं स्रोत संवर्धन की दिशा में जिले द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी की गई।

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