

बिलासपुर : उसलापुर मालगोदाम को पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं विकसित किए बिना शुरू किए जाने के फैसले पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) से कड़े सवाल पूछे हैं। अदालत ने पूछा कि जब भारी बारिश का दौर चल रहा है और तैयारियां अधूरी हैं, तब मालगोदाम का संचालन शुरू करने की ऐसी क्या मजबूरी थी।
रेलवे ने जवाब के लिए मांगा तीन सप्ताह का समय
जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा गया। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए रेलवे को जवाब प्रस्तुत करने की अनुमति दे दी। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
ड्रोन तस्वीरों से उठाए गए अधूरी तैयारियों के सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने अदालत में ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरें पेश कीं। उनका कहना था कि उसलापुर मालगोदाम परिसर में अब भी सड़क, प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हुई हैं।उन्होंने रेलवे के इस दावे को भी चुनौती दी कि मालगोदाम संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
मजदूर संगठन ने रखा अपना पक्ष
सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता मजदूर संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कहा कि उनके संगठन के श्रमिक लंबे समय से उसलापुर क्षेत्र में काम कर रहे हैं और याचिका दायर करने वाला संगठन एकाधिकार स्थापित करना चाहता है।इस पर याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 2019 का रेलवे आदेश अदालत के सामने रखा, जिसमें उसलापुर मालगोदाम साइडिंग बंद किए जाने का उल्लेख है। उनका तर्क था कि ऐसे में वर्षों से लगातार काम करने का दावा रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।
कोर्ट ने कहा- विकास का विरोध नहीं, लेकिन सुविधाएं जरूरी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है। यदि उसलापुर में नया मालगोदाम विकसित किया जा रहा है तो यह स्वागत योग्य कदम है, लेकिन उसका संचालन तभी होना चाहिए जब सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध हों।
रेलवे के सर्कुलर का भी हुआ जिक्र
सुनवाई में रेलवे के एक सर्कुलर का भी उल्लेख किया गया, जिसमें कहा गया है कि मालगोदाम में वही श्रमिक या मजदूर संगठन कार्य करेंगे जिन्हें माल बुक कराने वाले व्यापारी अधिकृत करेंगे। ऐसे अधिकृत श्रमिकों को वहां काम करने के साथ सुरक्षा का अधिकार भी मिलेगा।











