

भोपाल : लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले लोगों को जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने वाली है। भारतीय रेलवे ने भोपाल रेल मंडल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सिर्फ 8 घंटे में पूरा होगा सफर
फिलहाल भोपाल और लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों को यात्रा पूरी करने में करीब 12 घंटे लगते हैं। नई स्लीपर वंदे भारत के शुरू होने के बाद यही दूरी लगभग 8 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और व्यापार, नौकरी, शिक्षा तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
पहली बार मिलेगा स्लीपर का आराम
अधिकांश वंदे भारत ट्रेनें अभी चेयर कार व्यवस्था के साथ संचालित हो रही हैं, लेकिन इस नई ट्रेन में यात्रियों को स्लीपर सुविधा भी मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग रातभर आराम से सोते हुए सफर कर सकेंगे, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी।
यात्रियों की मांग पर बढ़ाई जाएगी क्षमता
रेलवे ने शुरुआती योजना में 16 कोच रखने का प्रस्ताव बनाया था, लेकिन यात्रियों की संभावित संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अब इस ट्रेन को 20 कोच के साथ संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इससे अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अगस्त में जारी हो सकती है अधिसूचना
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस नई ट्रेन से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना अगस्त महीने में जारी होने की संभावना है। इसके बाद ट्रेन का समय, किराया और मार्ग में आने वाले स्टेशनों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
मध्य प्रदेश को मिलेगी एक और वंदे भारत
वर्तमान में मध्य प्रदेश से पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जो भोपाल, इंदौर, रीवा और खजुराहो जैसे शहरों को देश के विभिन्न प्रमुख गंतव्यों से जोड़ती हैं। भोपाल-लखनऊ स्लीपर वंदे भारत के शुरू होने से राज्य की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी तथा यात्रियों के लिए एक नया और तेज विकल्प उपलब्ध होगा।











