

देश : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका अनशन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। करीब 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने पर शनिवार को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। इस बीच सरकार ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया, जिससे आंदोलन खत्म होने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि वांगचुक ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर अनशन जारी रखने का फैसला सुनाया।
संसद मार्च को लेकर बढ़ा तनाव
सीजेपी ने सोमवार को संसद मार्च का आह्वान किया था, जिसके लिए विभिन्न राज्यों से समर्थक दिल्ली पहुंचे। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, लेकिन दिल्ली पुलिस ने संसद तक मार्च की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, हिंसा और उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के समर्थन में जारी रहेगा अनशन
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखते हुए उन्होंने अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक युवा प्रतिनिधियों को संसद भवन में सांसदों से मिलने और अपनी बात रखने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सरकार और पुलिस से की अपील
वांगचुक ने सरकार और पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों को संसद के सामने अपनी मांगें रखने का अवसर दिया जाए, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं ने लगातार संयम और धैर्य का परिचय दिया है और उन्हें विश्वास है कि आगे भी वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।











