

शराब एवं हड़िया के सेवन तथा विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध
धाम परिसर में पुलिस सहायता केंद्र की जाएगी स्थापित
बलरामपुर: हाल ही में बछराजकुंवर धाम क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना तथा डूबने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आज अनुविभागीय अधिकारी (रा.) वाड्रफनगर की अध्यक्षता में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) वाड्रफनगर, थाना प्रभारी चलगली, बछराजकुंवर धाम के बैगा, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं दुकानदार उपस्थित रहे।बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा धाम क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।निर्णय अनुसार संपूर्ण धाम क्षेत्र को मदिरा मुक्त प्रक्षेत्र घोषित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्र में शराब एवं हड़िया के सेवन तथा विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध संबंधी सूचना पट्ट प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे तथा जनजागरूकता के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा की व्यवस्था की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए डायल-112 की नियमित गश्त, अतिरिक्त होमगार्ड जवानों की तैनाती, पैदल गश्त तथा रविवार, बुधवार एवं शुक्रवार को श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध नियमित कार्रवाई तथा पुलिस द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध सघन वाहन जांच अभियान संचालित किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क एवं विद्युत कनेक्टिविटी में सुधार हेतु संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा। आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रमुख स्थानों पर आवश्यक संपर्क नंबरों सहित सूचना पट्ट लगाए जाएंगे।
कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए धाम परिसर में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित करने तथा प्रतिदिन शाम 5:00 बजे के बाद धाम क्षेत्र को खाली कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी पक्षों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन एवं पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि बछराजकुंवर धाम में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल वातावरण बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।











