

जशपुर: जशपुर जिले के लोरो घाट में बुधवार शाम हुए एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक के केबिन में फंसे तीन लोगों को जशपुर पुलिस और बचाव दल ने करीब तीन घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कटर मशीन से ट्रक का क्षतिग्रस्त केबिन काटकर घायलों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे धनबाद (झारखंड) से कोयला लेकर रायपुर जा रहा टाटा ट्रक क्रमांक JH-02-AM-6041 लोरो घाट में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक, वाहन मालिक सहित तीन लोग केबिन में बुरी तरह फंस गए।दुर्घटना की सूचना मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, डॉयल-112, अग्निशमन दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। इस दौरान पुलिस मितान के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।करीब तीन घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान बचाव दल ने कटर मशीन की मदद से ट्रक के केबिन और स्टेयरिंग के हिस्से को काटकर अंदर फंसे तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय जशपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंहस्वयं घटनास्थल पहुंचे और पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी की। उन्होंने पुलिस, अग्निशमन दल, डॉयल-112, पुलिस मितान और सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने साहस, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय दिया, जिसके चलते तीन लोगों की जान बचाई जा सकी।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने घोषणा की कि रेस्क्यू अभियान में साहस और समर्पण दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और बचाव दल के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, घायलों की मदद करने वाले आम नागरिकों के नाम गुड सेमिरिटन (नेक नागरिक) योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भेजे जाएंगे।उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना होने पर घटनास्थल से दूर जाने के बजाय तत्काल पुलिस या डॉयल-112 को सूचना दें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की सहायता करें। समय पर मिली सूचना और लोगों का सहयोग कई बार किसी घायल के लिए जीवनदायी साबित होता है।











