

छत्तीसगढ़ : सरकार ने अधोसंरचना विकास निगम (CIDC) के अंतर्गत आने वाले विघटित परिवहन निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इन परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए नई नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यीय अंतर्विभागीय समिति का गठन कर दिया है।
नई नीति की जरूरत क्यों पड़ी?
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, पहले दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती थी। लेकिन शिक्षाकर्मी व्यवस्था समाप्त होने के बाद वर्ष 2022 में जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी कर CIDC में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियुक्ति का प्रावधान किया था।हालांकि, निगम में पर्याप्त रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण कई मामलों में अनुकंपा नियुक्ति नहीं हो सकी। इसके चलते अनेक परिवार लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी उच्च स्तरीय समिति
मामले की गंभीरता, उच्च न्यायालय के निर्देशों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नई अनुकंपा नियुक्ति नीति को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।
लंबे समय से लंबित मामलों को मिलेगा समाधान
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। नई नीति लागू होने के बाद वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का तेजी से निपटारा होने की उम्मीद है। इससे पात्र आश्रितों को रोजगार का अवसर मिलेगा और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी मिल सकेगी।











