छत्तीसगढ़ : बस्तर जिले में गोंचा पर्व के अवसर पर 16 जुलाई, गुरुवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। जिला कलेक्टर आकाश छिकारा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए पूरे बस्तर जिले में अवकाश की घोषणा की है। हालांकि, इस दिन कोषालय और उप-कोषालय पहले की तरह नियमित रूप से खुले रहेंगे और उनका कामकाज सामान्य रहेगा।

गोंचा पर्व पर मिलेगा स्थानीय अवकाश

कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 के स्थानीय अवकाश कैलेंडर के तहत गोंचा पर्व को देखते हुए 16 जुलाई को जिले में अवकाश रहेगा। यह अवकाश सभी शासकीय कार्यालयों पर लागू होगा, जबकि वित्तीय कार्यों से जुड़े कोषालय और उप-कोषालय इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगे।

समीक्षा बैठक में स्कूलों, स्वास्थ्य और कृषि व्यवस्था पर दिया जोर

स्थानीय अवकाश की घोषणा के साथ ही कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने बारिश के मौसम में सर्पदंश और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना समेत सभी पात्रता आधारित सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

स्कूलों की साफ-सफाई और मेधावी छात्रों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में शिक्षा विभाग को सभी स्कूल परिसरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर आवेदन भरवाने और बेहतर तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा टैलेंट तिहार, बोलेगा बचपन, अपार आईडी, यू-डाइस, पीएम श्री विद्यालय, बाल वाटिका और पीएम पोषण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

खाद-बीज, सूखे की तैयारी और किसानों के हितों पर निर्देश

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। अल नीनो के कारण कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निजी खाद विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य सूची प्रदर्शित करने और नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही एग्रीस्टैक, खसरा पंजीकरण और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।

कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा से लेकर जनकल्याण योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, जल जीवन मिशन, वनाधिकार पट्टा, मनरेगा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार के लंबित प्रकरणों और एफसीआई गोदामों में रखे चावल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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