

रायगढ़ : स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0) में पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की इस मूल्यांकन प्रणाली में जिले को 600 में से 329 अंक मिले हैं, जिसके आधार पर रायगढ़ को 'प्रचेष्टा-1' श्रेणी में रखा गया है। यह उपलब्धि शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल नवाचार और बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
क्या है PGI 2.0 और क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0) शिक्षा मंत्रालय की वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रणाली है, जिसके जरिए राज्यों और जिलों की स्कूल शिक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाता है। इसमें विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, कक्षा संचालन, डिजिटल शिक्षा, विद्यालयी अधोसंरचना, शिक्षकों की उपलब्धता, समावेशी शिक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य शैक्षणिक मानकों को आधार बनाया जाता है। इसका उद्देश्य केवल रैंकिंग तय करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है।
दो वर्षों की रणनीति और सतत मॉनिटरिंग का मिला परिणाम
रायगढ़ की इस सफलता के पीछे पिछले दो वर्षों से किए गए योजनाबद्ध प्रयासों को अहम माना जा रहा है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू और डीएमसी आलोक स्वर्णकार की निगरानी में शिक्षा विभाग ने कई सुधारात्मक कदम उठाए। नियमित समीक्षा, नवाचार आधारित कार्यप्रणाली और टीमवर्क के जरिए जिले ने विभिन्न मानकों पर शानदार प्रदर्शन किया।
डिजिटल शिक्षा बनी सफलता की सबसे बड़ी ताकत
जिले में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, ई-कंटेंट और दीक्षा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया गया। शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया गया, जिससे कक्षाओं में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ा और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
यू-डाइस प्लस पोर्टल पर बेहतर प्रदर्शन से बढ़े अंक
PGI 2.0 में सबसे अधिक 410 अंक यू-डाइस प्लस पोर्टल से जुड़े मानकों के लिए निर्धारित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी स्कूलों में समय पर, शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित डेटा एंट्री सुनिश्चित कराई गई। नियमित डेटा सत्यापन और तकनीकी मार्गदर्शन के कारण रायगढ़ का प्रदर्शन इस श्रेणी में काफी बेहतर रहा। भविष्य में भी डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध अपडेट पर विशेष फोकस रखने की योजना बनाई गई है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का मिला सम्मान
जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के प्राचार्यों, शिक्षकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों, विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण और सटीक डेटा प्रबंधन के जरिए आने वाले वर्षों में रायगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया जाएगा।
टीमवर्क और बेहतर योजना से बनी सफलता की नई मिसाल
रायगढ़ की यह उपलब्धि साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, मजबूत नेतृत्व, डिजिटल नवाचार, प्रभावी मॉनिटरिंग और सामूहिक प्रयासों के दम पर शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। जिले की यह सफलता अब अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गई है।











