

कलेक्टर ने जनहित के कार्यों में तेजी लाने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य
वीबी जी रामजी के तहत अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने,मुख्यमंत्री हेल्पलाईन, जनदर्शन के प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण के निर्देश
बलरामपुर। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में श्रीमती त्रिपाठी ने विभागीय कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा जनहित से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने वीबी जी रामजी के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए अधिक से अधिक रोजगार स्वीकृत करने एवं पात्र हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित रूप से मैदानी भ्रमण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करें तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर प्रबंधन एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पुनर्वास नीति-2025 के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों को राहत प्रदान करना तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के परिजन, आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सली हिंसा में घायल आम नागरिक तथा जिनकी संपत्ति को क्षति पहुंची है, ऐसे प्रभावित परिवारों को पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए रोजगार से जोड़ने के लिए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, मध्यान्ह भोजन में हरी सब्जी उपलब्ध कराने तथा सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार हो सके। कलेक्टर ने बैग एवं गणवेश वितरण की जानकारी लेते हुए सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का वितरण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत वितरण की जानकारी लेते हुए शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने जाति एवं आय प्रमाण-पत्र शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूडीआईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में स्कूल जतन योजना के अंतर्गत नवीन शौचालय निर्माण, वर्ष 2024-25 के पूर्ण कार्यों का मैदानी सत्यापन तथा अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2025-26 के स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने को कहा।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने खाद एवं बीज की उपलब्धता, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्रकरणों तथा विकासखंडवार एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त लंबित शिकायतों एवं आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा सहित लंबित राजस्व प्रकरणों तथा लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, प्रमोद गुप्ता,आर.एन. पाण्डेय, सर्व अनुविभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।











