

आईपीएल इतिहास की सबसे सफल और लंबी कोच-फ्रेंचाइजी साझेदारियों में शामिल चेन्नई सुपर किंग्स और स्टीफन फ्लेमिंग का साथ आखिरकार समाप्त हो गया। करीब 18 वर्षों तक टीम के साथ जुड़े रहने के बाद फ्लेमिंग और फ्रेंचाइजी ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। इस फैसले के साथ आईपीएल के एक यादगार दौर का अंत हो गया।
खिलाड़ी से कोच तक का शानदार सफर
स्टीफन फ्लेमिंग 2008 में आईपीएल के पहले सत्र में खिलाड़ी के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े थे। अगले ही वर्ष उन्हें टीम का मुख्य कोच बनाया गया। इसके बाद उनकी रणनीति और नेतृत्व में सीएसके ने लगातार सफलता की नई कहानी लिखी।
उनकी कोचिंग में चेन्नई ने 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। इसके अलावा टीम ने दो बार चैंपियंस लीग टी20 का खिताब भी जीता। फ्लेमिंग के कार्यकाल में सीएसके ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार फाइनल खेलकर अपनी निरंतरता साबित की।
धोनी और फ्लेमिंग की जोड़ी बनी सफलता की पहचान
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी और स्टीफन फ्लेमिंग की रणनीतिक सोच को चेन्नई सुपर किंग्स की सफलता की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। खिलाड़ियों पर भरोसा, शांत स्वभाव और कठिन परिस्थितियों में संतुलित फैसलों ने टीम को हमेशा मजबूत बनाए रखा। यही कारण रहा कि सीएसके लंबे समय तक आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में गिनी जाती रही।
सीएसके ने भावुक संदेश के साथ दी विदाई
चेन्नई सुपर किंग्स ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने सम्मानपूर्वक अलग होने का निर्णय लिया है। फ्रेंचाइजी ने फ्लेमिंग के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा बनाई गई विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। साथ ही यह भी बताया कि यह फैसला खुली और सकारात्मक बातचीत के बाद लिया गया है।
फ्लेमिंग बोले, सीएसके हमेशा दिल के करीब रहेगी
टीम से विदाई के दौरान स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि 18 वर्षों का यह सफर उनके जीवन और कोचिंग करियर का सबसे यादगार अध्याय रहा। उन्होंने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय उनके लिए सम्मान और गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि टीम के साथ मिली जीत, चुनौतीपूर्ण दौर और यादगार पल हमेशा उनके साथ रहेंगे। फ्लेमिंग ने यह भी कहा कि भले ही अब वह टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी और वह भविष्य में भी इस फ्रेंचाइजी का समर्थन करते रहेंगे।











