

ठेकेदार ने लगाए सुरक्षा घेरा, विवादित हिस्से को छोड़ शेष नाली निर्माण जल्द शुरू करने के निर्देश; 16 जुलाई की तहसील सुनवाई के बाद होगा अंतिम निर्णय
अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। वार्ड क्रमांक 11 में निर्माणाधीन नाली कार्य में अनियमितता, अधूरे गड्ढों और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन सक्रिय हो गया। बुधवार 8 जुलाई को मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा ने वार्ड क्रमांक 11 पहुंचकर निर्माणाधीन नाली का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड पार्षद बृज किशोर भगत भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल की स्थिति का जायजा लिया गया। वहीं समाचार प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार द्वारा तत्काल निर्माण स्थल पर खुले गड्ढों के आसपास सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) तैयार कराया गया, ताकि राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना न हो सके। स्थानीय लोगों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि पहले यदि सुरक्षा के ऐसे इंतजाम कर दिए जाते तो लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन नहीं करना पड़ता।
विवादित स्थल छोड़ शेष हिस्से में निर्माण शुरू करने के निर्देश..
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए कि तहसील द्वारा स्थगित किए गए विवादित स्थल को छोड़कर शेष स्वीकृत हिस्से में नाली निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां किसी प्रकार का कानूनी विवाद नहीं है, वहां निर्माण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए।
16 जुलाई की सुनवाई के बाद होगा विवाद का समाधान..
मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा ने बताया कि भूमि विवाद से संबंधित प्रकरण में 16 जुलाई को तहसील कुसमी में सुनवाई निर्धारित है। तहसील के निर्णय एवं विवाद के निराकरण के बाद स्वीकृत सभी स्थानों पर नाली निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
पुलिया निर्माण शुरू होने की भी जगी उम्मीद..
वार्डवासियों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि नगर पंचायत समय रहते नाली निर्माण के साथ इसी वार्ड में लगभग 2 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत पुलिया निर्माण कार्य भी प्रारंभ करा देती है, तो बरसात के दौरान जलभराव और आवागमन की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। लोगों को उम्मीद है कि निरीक्षण के बाद दोनों विकास कार्यों में तेजी आएगी।
बरसात बनी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि लगातार हो रही बारिश के बीच निर्माण कार्य को गति देना संबंधित ठेकेदार के लिए आसान नहीं होगा। गीली मिट्टी, जलभराव और मौसम की अनिश्चितता के कारण कार्य प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। इसके बावजूद वार्डवासियों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तो शेष निर्माण समय पर पूरा किया जा सकता है और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सकती है।











