सूरजपुर:  सूरजपुर जिले के नमदगिरी फीडर से जुड़े कई गांव इन दिनों गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। लगातार घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से सैकड़ों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें रोजाना कई-कई घंटे अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इससे न केवल घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, छोटे व्यापार और किसानों के दैनिक कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बरसात के दिन में साफ बिच्छू का काटने का भी भय बना रहता है।

ग्रामीणों के अनुसार सरस्वतीपुर, रामनगर, रामपुर, रुनियाडीह, सोहागपुर, करंजी सहित आसपास के कई गांवों में सुबह से लेकर देर रात तक कई बार बिजली गुल हो जाती है। कई बार बिजली कटौती का समय इतना लंबा होता है कि लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ती है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बिजली बंद होने से पहले विभाग की ओर से किसी प्रकार की सूचना भी नहीं दी जाती, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आखिर क्या बड़ी वजह हो जाती है? जिससे बिजली गुल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। वहीं इनवर्टर और मोबाइल फोन भी लंबे समय तक चार्ज नहीं हो पाते, जिससे संचार व्यवस्था तक प्रभावित होती है।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत सामान्य बनी रहती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार और लंबे समय तक बिजली कटौती क्यों की जाती है? ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी खराबी, रखरखाव या अन्य कारणों से बिजली बंद करनी पड़ रही है तो इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए। साथ ही बिजली आपूर्ति का एक निर्धारित शेड्यूल भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोग अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार तय कर सकें।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास करने पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। इससे लोगों में विभाग के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

अनियमित बिजली आपूर्ति का असर सिंचाई कार्यो व वहीं छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों का कहना है कि लगातार बिजली गुल रहने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि नमदगिरी फीडर की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर किया जाए, अनावश्यक बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए तथा किसी भी कारण से बिजली बंद करने की स्थिति में उपभोक्ताओं को पहले से सूचना देने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी क्षेत्रों की तरह नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नमदगिरी फीडर की बिजली व्यवस्था कब सुधरेगी? क्या बिजली विभाग ग्रामीणों की लगातार बढ़ती परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर ग्रामीणों को इसी तरह रोजाना घंटों बिजली कटौती की समस्या झेलनी पड़ेगी? इस सवाल का जवाब अब बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

इस संबंध में बिजली विभाग के  अधिकारियों से संपर्क करने कोशिश की गई किन्तु उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

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