

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी: जिला बलरामपुर - रामानुजगंज अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुसमी जो पहले किसानों के नाम पर कथित फर्जी ऋण निकालने के मामले को लेकर सुर्खियों में रही है, अब खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी विवादों में आ गई है। किसानों ने समिति पर ढेलानुमा खाद वितरण करने, विरोध करने पर अभद्र व्यवहार करने तथा शेयर के नाम पर बिना रसीद नकद राशि वसूलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
गौरतलब है कि इसी समिति में पूर्व में किसानों के नाम पर कथित रूप से करोड़ों रुपये के फर्जी ऋण निकाले जाने का मामला सामने आया था। उस मामले में कई किसानों ने दावा किया था कि उन्होंने कभी ऋण नहीं लिया, फिर भी उनके नाम पर ऋण दर्ज मिला। किसानों का कहना है कि आज भी कई ऐसे किसानों के बैंक खाते होल्ड हैं, जिससे उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। इसी बीच खाद वितरण को लेकर सामने आए नए आरोपों ने समिति की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ढेलानुमा खाद देने का आरोप..
ग्राम लरिमा के अजीत कुमार, महादेव राम, श्यामधर, ग्राम पडीपा के दयाल राम, ग्राम सिविलदाग के रामकुमार सहित कई किसानों ने कैमरे के सामने बताया कि जब वे खाद लेने समिति के गोदाम पहुंचे तो उन्हें ढेलानुमा "गांठ बने हुए" खाद दिए जा रहे थे। किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें कहा गया कि लेना है तो लो, नहीं लेना है तो मत लो। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें मजबूरीवश ऐसी खाद लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
शेयर के नाम पर राशि लेने का आरोप..
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खाद वितरण के लिए टोकन जारी करने से पहले उनसे शेयर के नाम पर अलग-अलग राशि जमा कराई जा रही है। किसी किसान से एक हजार रुपये, तो किसी से कम या अधिक राशि ली गई। किसानों का कहना है कि अधिकांश लोगों को यह भी स्पष्ट नहीं बताया गया कि राशि किस नियम के तहत ली जा रही है। किसानों के अनुसार, राशि जमा कराने के बाद उन्हें किसी प्रकार की रसीद नहीं दी गई। केवल एक रजिस्टर में उनका नाम और जमा राशि दर्ज कर ली गई।
कर्मचारियों ने क्या कहा..
मौके पर मौजूद समिति के भृत्य महेंद्र कुमार सिंह ने कहा गोदाम में जो खाद उपलब्ध है, वही किसानों को दिया जा रहा है। खाद ढेलानुमा क्यों हो गया, इसके बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता।वहीं सेमरा स्थित गोदाम में खाद वितरण कर रहे जवाहरनगर समिति के प्रबंधक सूरज प्रसाद ने बताया कि वे कुसमी समिति के प्रबंधक कमलेश पैकरा के निर्देश पर खाद वितरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाद के ढेलानुमा होने का कारण गोदाम में लंबे समय तक रखा होना हो सकता है। शेयर के नाम पर किसानों से राशि लिए जाने के संबंध में उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
प्रबंधक से नहीं हो सका संपर्क..
मामले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कुसमी के प्रबंधक कमलेश पैकरा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
जांच की मांग..
किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था तथा शेयर के नाम पर राशि वसूली के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।











