

मुख्यधारा से जुड़ेंगे आत्मसमर्पित नक्सली,प्रभावित परिवारों को मिलेगा योजनाओं का लाभ
बलरामपुर।कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर की उपस्थिति में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुनर्वास नीति-2025 के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों का सम्मानजनक पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित एवं नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, जिनकी संपत्ति अथवा आजीविका के साधनों को क्षति पहुंची है, उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे।

पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों को राहत प्रदान करना तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के परिजन, आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सली हिंसा में घायल आम नागरिक तथा जिनकी संपत्ति को क्षति पहुंची है, ऐसे प्रभावित परिवारों को पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे 92 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें पात्र हितग्राहियों को पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर. एस. लाल एवं संबंधित सदस्यगण उपस्थित रहे।










