नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध 1 जुलाई से समाप्त हो जाएंगे। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब ईंधन की आपूर्ति सामान्य स्थिति में लौट रही है, इसलिए उपभोक्ताओं और व्यावसायिक संस्थानों पर लागू सभी अस्थायी सीमाएं हटा दी जाएंगी।

संकट की आशंका के चलते लगाए गए थे प्रतिबंध

सरकार ने जून की शुरुआत में एहतियात के तौर पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कुछ अस्थायी नियम लागू किए थे। उस समय आशंका जताई जा रही थी कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से कमर्शियल उपभोक्ताओं को रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं दी गई थी, जबकि डीजल की खरीद पर भी प्रतिदिन की सीमा तय की गई थी ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वैश्विक तनाव बना था चिंता का कारण

यह फैसला ऐसे समय लिया गया था जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा हो गई थी। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते कई देशों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। भारत ने भी संभावित संकट को देखते हुए घरेलू ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया था।

कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई भी पूरी तरह बहाल

सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति भी सामान्य कर दी है। पहले होटल, रेस्तरां, बेकरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी का आवंटन सीमित किया गया था, लेकिन अब उन्हें पहले की तरह पूरी आपूर्ति मिलेगी।

पीएनजी अपनाने वालों के लिए नियम यथावत

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों ने पहले ही पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी का उपयोग शुरू कर दिया है, उन्हें दोबारा एलपीजी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।

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