दुर्ग : बीएसपी स्क्रैप चोरी से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है।

फ्लाई ऐश डस्ट की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल, जांच में खुली चोरी की परतें

पुलिस के अनुसार 26 मई को ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए के ट्रेडर्स और भिलाई के एचआईए हथखोज क्षेत्र में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बीएसपी से स्क्रैप चोरी का मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि हाइवा और ट्रकों में फ्लाई डस्ट की आड़ लेकर चोरी की गई लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री का परिवहन किया जा रहा था।

करोड़ों की संपत्ति जब्त, भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा वाहनों और मशीनों को मिलाकर कुल करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है, जिसे इस अवैध कारोबार में इस्तेमाल किया जा रहा था।

मुख्य आरोपी की यूपी में गिरफ्तारी, कई आरोपी पहले ही पहुंच चुके जेल

इस मामले में पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी संजय सिंह गिरफ्तारी के बाद से लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था और ठिकाने बदल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस की विशेष टीम ने देवरिया में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।

अवैध स्क्रैप कारोबार से आर्थिक लाभ का खुलासा, जांच जारी

पुलिस का कहना है कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध रूप से संग्रहण कर आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

एक और आरोपी गिरफ्तार, बेटों की तलाश तेज

इस मामले में संलिप्त पाए गए पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं मुख्य आरोपी संजय सिंह के बेटे अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

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