

Kolkata : शनिवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक, उनके करीब 7 अलग अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।यह पूरी कार्रवाई कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले और रिश्वत के बदले नौकरी देने के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही है।
भर्ती घोटाले में कैश और सोना लेकर नौकरी देने के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोप है कि नगरपालिका भर्ती प्रक्रिया में कई अयोग्य उम्मीदवारों को पैसे और सोने के बदले नौकरी दी गई। छापेमारी के दौरान कुछ नकदी और अहम दस्तावेज भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।इसके साथ ही जांच में 6 बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी मिली है, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
अभिषेक बनर्जी के आवास पर भी सुरक्षा बलों की मौजूदगी
Abhishek Banerjee के आवास पर भी कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की मौजूदगी देखी गई। यह कार्रवाई कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के तहत की गई बताई जा रही है।जैसे ही इसकी जानकारी सामने आई, राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया और क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई।
मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी और पूछताछ
इससे पहले भी नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ईडी ने मई महीने में एक आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की थी।इसी जांच के दौरान मदन मित्रा का नाम सामने आने के बाद अब उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
ईडी की जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
प्रवर्तन निदेशालय फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। छापेमारी के बाद मिले दस्तावेज, नकदी और बैंक खातों की जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





















