नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल से एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। सरकार ने 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट बढ़ा दी है। BIS स्टैंडर्ड के मुताबिक फ्यूल ब्लेंड्स पर एक्साइज ड्यूटी की दर शून्य होगी। सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए इसकी जानकारी दी है। सर्कुलर में कहा गया है कि 22 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक एथेनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल को एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है और अब 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल पर किसी भी तरह की कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।

सरकार के फैसले से सभी को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले से न सिर्फ आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि इससे पेट्रोलियम कंपनियों और देश के तमाम गन्ना किसानों को भी फायदा मिलेगा। कच्चे तेल की कीमतों में जारी भारी उछाल के बीच, देश में पेट्रोल की कीमतों को काबू में रखने के उद्देश्य से इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

22 से 30 प्रतिशत तक के इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी हटाने से इनकी कीमतें मौजूदा E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत मिश्रण वाला पेट्रोल) की कीमतों से काफी कम हो जाएंगी।

सरकार के इस फैसले से ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल की मांग में भी जबरदस्त तेजी आने की उम्मीद है।
एथेनॉल की मांग बढ़ने से गन्ना किसानों को फसल की बढ़िया कीमत मिलेगी और ज्यादा उत्पादन की स्थिति में कीमतें स्थिर रहेंगी।

इससे किसानों को भुगतान में होने वाली देरी से भी मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता में भारी कमी आएगी।
पेट्रोलियम कंपनियों पर तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली भारी बढ़ोतरी का खास असर नहीं पड़ेगा।

एलेक्स फ्यूल से चलने वाली कई गाड़ियां लॉन्च
हालांकि, सरकार के इस फैसले का तत्काल लाभ नहीं मिल पाएगा। दरअसल, अभी बाजार में E20 पेट्रोल को सपोर्ट करने वाले इंजन की ही गाड़ियां हैं। हालांकि, कुछ कंपनियों ने अभी हाल ही में फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाली गाड़ियां लॉन्च की हैं, जिनके इंजन 85 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल के साथ भी जबरदस्त तरीके से तालमेल बैठा सकती हैं, जैसे बाकी गाड़ियों के इंजन E20 पेट्रोल के साथ तालमेल बैठा रहे हैं।

ज्यादा एथेनॉल को सपोर्ट करने वाले इंजन बनाने पर फोकस
इसके साथ ही, कंपनियां अपनी नई गाड़ियों के इंजन को इस तरह से तैयार कर रही हैं, जिससे वो ज्यादा से ज्यादा एथेनॉल वाले इंजन के साथ अच्छी तरह से तालमेल बैठा पाएं। इतना ही नहीं, सरकार के इस फैसले से अब ऑटो कंपनियां भी ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल से चलने वाले इंजन डेवलप करने पर जोर देंगी।

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