

विशेष न्यायालय ने कहा - अभियोजन साक्षियों को डराकर साक्ष्य प्रभावित करने का किया जा रहा प्रयास, तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
अम्बिकेश गुप्ता
बलरामपुर / कुसमी। बहुचर्चित हंसपुर रामनरेश हत्याकांड में गवाहों को कथित रूप से धमकाने और बयान बदलवाने के प्रयास के आरोपों के बाद अब विशेष न्यायालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। विशेष सत्र (एट्रोसिटी) न्यायालय, बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को पत्र जारी कर अभियोजन साक्षियों, पीड़ित पक्ष एवं प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
न्यायालय द्वारा 23 मई 2026 को जारी पत्र के अनुसार विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 13/2026 में सुनवाई के दौरान एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अभियोजन साक्षियों एवं आहतगण को डरा-धमकाकर भयभीत करने तथा साक्ष्य को प्रभावित करने का प्रयास किए जाने की बात कही गई। न्यायालय ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि थाना कोरंधा में दर्ज अपराध क्रमांक 03/2026 में आरोपी करुण डहरिया एवं अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2), 109(1), 296, 238, 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) एवं 3(2)(V) के तहत मामला विचाराधीन है और वर्तमान में प्रकरण अभियोजन साक्ष्य के स्तर पर चल रहा है।
दरअसल हाल ही में पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया था कि मामले में गवाही देने वाले प्रत्यक्षदर्शियों पर आरोपी पक्ष के समर्थन में बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत में ग्राम खजुरी निवासी कुछ लोगों पर रुपये-पैसे का प्रलोभन देने तथा “कुछ भी हो सकता है” कहकर डराने-धमकाने के आरोप लगाए गए थे। पीड़ित पक्ष ने यह भी दावा किया था कि घटना के बाद एसडीएम कार्यालय में उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे, जबकि उनका कोई आधिकारिक बयान दर्ज नहीं किया गया।
अब इसी शिकायत और आवेदन के बाद विशेष न्यायालय द्वारा सीधे पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए जाने को पूरे मामले में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। कानूनी जानकारों के अनुसार किसी विचाराधीन हत्या एवं एट्रोसिटी प्रकरण में गवाहों की सुरक्षा को लेकर न्यायालय का इस प्रकार हस्तक्षेप करना मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि इसी प्रकरण में हाल ही में विशेष न्यायालय द्वारा आरोपी करुण डहरिया एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, साक्ष्य छिपाने तथा एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। ऐसे में गवाहों को प्रभावित करने के आरोप और न्यायालय द्वारा सुरक्षा संबंधी आदेश जारी होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। मांग पर मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाने तथा दबाव बनाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने का आदेश विशेष सत्र (एट्रोसिटी) न्यायालय, बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा पुलिस अधिक्षक बलरामपुर को जारी किया गया हैं। न्यायलय द्वारा इस आदेश के जारी होने के बाद उन हर तमाम ग्रामीणों व लोगो में खुशी हैं जो एसडीएम करुण डहरिया के कृत्य से दुःखी हैं तथा ठोस कार्यवाही किए जाने के इंतजार में कोर्ट के हर सुनवाई पर नजर टिकाये बैठें है।





















