रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध स्वाभाविक और जरूरी है, लेकिन देश, उसकी गरिमा और संवैधानिक पदों के खिलाफ टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता।

सांसद ने कहा कि हर नागरिक और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि किसी भी बयान से देश की प्रतिष्ठा प्रभावित न हो।

राहुल गांधी के विदेशों में दिए बयानों पर साधा निशाना

बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए कहा कि जब वे विदेशों में जाते हैं तो भारत के खिलाफ बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां देश और देशवासियों का अपमान मानी जाती हैं।

सांसद ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन देशहित से ऊपर किसी भी राजनीतिक एजेंडे को नहीं रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को कमजोर करने वाले बयान उचित नहीं हैं।

संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश के संवैधानिक पदों और संस्थाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती इसी बात पर निर्भर करती है कि राजनीतिक असहमति के बावजूद संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय गरिमा का सम्मान बना रहे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है। लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल संविधान और देश की मर्यादा के भीतर रहकर किया जाना चाहिए।

राजनीति में बयानबाजी पर फिर छिड़ी बहस

बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बयानबाजी और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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