दिल्ली : प्रतीक यादव की मौत को लेकर शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होती नजर आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शरीर में खून का थक्का बनने की गंभीर स्थिति के कारण फेफड़ों की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई, जिसके बाद अंततः कार्डिएक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई।

ब्लड क्लॉटिंग से फेफड़ों तक पहुंचा असर, अचानक बिगड़ी हालत

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर के निचले हिस्से में बना खून का थक्का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ा और फेफड़ों की नसों में जाकर जम गया। इसी वजह से सांस लेने की प्रक्रिया बाधित हुई और दिल पर अचानक दबाव बढ़ गया, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।

फेफड़ों में संक्रमण और कार्डिएक अरेस्ट बना अंतिम कारण

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति विकसित होने के बाद दिल की धड़कन प्रभावित हुई और अंततः कार्डिएक अरेस्ट से मृत्यु हुई। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष आगे की जांच के बाद ही पूरी तरह तय होगा।

विसरा सैंपल सुरक्षित, चोट के निशानों पर भी जांच जारी

पोस्टमार्टम के दौरान दिल और फेफड़ों से जुड़े सैंपल आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इसके साथ ही विसरा को रासायनिक परीक्षण के लिए पुलिस को सौंपा गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शरीर पर पाए गए चोट के निशान मृत्यु से पहले के थे, लेकिन इनकी प्रकृति और कारणों की पुष्टि विसरा जांच के बाद ही हो सकेगी।

अस्पताल में घोषित किया गया था मृत, परिवार में शोक की लहर

13 मई 2026 की सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav के पुत्र और Akhilesh Yadav के छोटे भाई थे।

अखिलेश यादव पहुंचे अस्पताल, दी अंतिम श्रद्धांजलि

घटना की जानकारी मिलते ही Akhilesh Yadav किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक बेहद सरल और अच्छे इंसान थे और उन्होंने पहले भी उनकी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी थी।

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