रायपुर: शिक्षा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम् ने वर्ष 2026 की मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने औपचारिक रूप से रिजल्ट जारी करते हुए छात्रों के प्रदर्शन को सराहा और इसे प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

इस वर्ष कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 1117 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और अपनी मेहनत के दम पर कुल औसत परिणाम 85.22 प्रतिशत तक पहुंचाया। यह आंकड़ा न सिर्फ छात्रों की लगन को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा भी दिखाता है।

12वीं के छात्रों ने किया कमाल, 93 प्रतिशत से ज्यादा रिजल्ट

कक्षावार परिणामों में सबसे ज्यादा प्रभावशाली प्रदर्शन 12वीं के छात्रों का रहा। इस वर्ग में 435 में से 407 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जिससे कुल परिणाम 93.56 प्रतिशत दर्ज हुआ। इस उपलब्धि ने पूरे बोर्ड में नई ऊर्जा भर दी है और छात्रों की क्षमता को साबित किया है।

10वीं का रिजल्ट स्थिर, पूरक परीक्षा से मिलेगा दूसरा मौका

कक्षा 10वीं के नतीजों की बात करें तो 682 में से 545 छात्र सफल हुए हैं, जिससे कुल परिणाम 79.91 प्रतिशत रहा। हालांकि 92 विद्यार्थियों को इस बार पूरक परीक्षा के जरिए एक और अवसर दिया जाएगा, ताकि वे अपने परिणाम को बेहतर बना सकें।

शिक्षा स्तर में सुधार के संकेत, आगे विशेष मार्गदर्शन की तैयारी

बोर्ड के इन आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि पिछले वर्षों की तुलना में छात्रों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हुआ है। शिक्षा विभाग अब उन छात्रों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी में है जो इस बार सफल नहीं हो सके, ताकि उन्हें बेहतर मार्गदर्शन देकर अगली परीक्षा में सफलता दिलाई जा सके।

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