

दुर्ग : प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने सियासी और कारोबारी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच के सिलसिले में ED की टीम ने भाजपा नेता और कारोबारी चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित निवास पर दबिश दी।
भारत माला कनेक्शन से जांच तेज, लेन-देन पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच का हिस्सा है। ED अधिकारियों ने घर के साथ-साथ अन्य संबंधित परिसरों में दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की। माना जा रहा है कि जांच का फोकस मुआवजा वितरण, ठेके प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता पर है।
अमर इंफ्रा का विस्तार और कारोबारी प्रोफाइल चर्चा में
चतुर्भुज राठी Amar Infra के प्रमुख संचालक हैं। कंपनी की शुरुआत वर्ष 1986 में एकल स्वामित्व के रूप में हुई थी, जिसे बाद में कॉरपोरेट रूप दिया गया। कंपनी ने समय के साथ देशभर में कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
हाल के समय में राठी के कोयला कारोबार में एंट्री की चर्चाएं भी सामने आई हैं, जिससे उनकी व्यावसायिक गतिविधियां और अधिक चर्चा में हैं।
अभी आधिकारिक बयान का इंतजार, जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
फिलहाल ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि जांच का दायरा आगे और भी बढ़ सकता है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर भारतमाला परियोजना से जुड़े मामलों को सुर्खियों में ला दिया है।

































