रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में सेंट्रल जोन पुलिस ने वारंटियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए दो हफ्तों के भीतर 159 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने शहर में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता को साफ तौर पर दिखाया है।

डीसीपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान, लगातार हो रही दबिश

डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस टीमों ने अलग-अलग इलाकों में लगातार दबिश देकर लंबे समय से फरार आरोपियों को पकड़ा। योजनाबद्ध तरीके से की गई इस कार्रवाई ने कई पुराने लंबित मामलों में भी तेजी ला दी है।

दो हफ्तों में बड़ी कार्रवाई, वारंटियों पर टूटी पुलिस की सख्ती

पिछले दो हफ्तों के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने तेज रफ्तार से कार्रवाई की है। इस दौरान 90 गिरफ्तारी वारंट और 69 स्थायी वारंट तामील किए गए, जिसके बाद कुल 159 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

सिर्फ पिछले सप्ताह में ही 38 गिरफ्तारी वारंट और 25 स्थायी वारंट पूरे किए गए, जबकि उससे पहले वाले सप्ताह में 52 गिरफ्तारी वारंट और 44 स्थायी वारंटों पर कार्रवाई हुई थी।

लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में, जांच में आएगी तेजी

इस अभियान के दौरान कई ऐसे आरोपी भी पुलिस के हाथ लगे हैं जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से न केवल पुराने मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है, बल्कि शहर में अपराध नियंत्रण की दिशा में भी यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

कमिश्नरेट सिस्टम का असर, पुलिस अब ज्यादा सक्रिय मोड में

अधिकारियों के अनुसार कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस को ज्यादा अधिकार और बेहतर समन्वय मिला है, जिसका सीधा असर जमीनी कार्रवाई में देखने को मिल रहा है। इसी वजह से ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं और आगे भी जारी रहेंगे।

आगे भी जारी रहेगा अभियान, फरार आरोपियों के लिए चेतावनी

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले समय में फरार और वारंटियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। साफ है कि रायपुर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा।

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