

सूरजपुर: सूरजपुर जिले में नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) न्यायालय ने तीन आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने नशे के अवैध व्यापार में लिप्त पाए गए तीनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार 7 फरवरी 2025 को चौकी लटोरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम तुलसी नाला के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने विकास सिंह राणा (30 वर्ष), सूरज सिंह (20 वर्ष) और आशीष सिंह उर्फ गोलू (30 वर्ष), निवासी ग्राम केनाबांध, थाना कोतवाली अंबिकापुर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से ऑनरेक्स कफ सिरप की 1000 बोतलें बरामद की गई थीं, जिसका उपयोग नशे के रूप में किया जाता है।मामले में एक नाबालिग बालक भी पकड़ा गया था, जिसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।प्रकरण की जांच एएसआई अरुण गुप्ता द्वारा की गई, जिन्होंने सशक्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह ने 17 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1-1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।इस फैसले को जिले में नशे के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
































