जशपुर: पुलिस कार्यालय जशपुर में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह द्वारा अपराध समीक्षा बैठक लिया गया जिसमें समस्त राजपत्रित अधिकारीगण, लोक अभियोजन अधिकारीगण सहित थाना चौकी प्रभारीगण, सभी शाखाओं के प्रभारीगण उपस्थित रहे। डीआईजी द्वारा अनुविभागवार थाना चौकी के लंबित प्रकरणों की जानकारी लिया गया एवं उसका निराकरण हेतू निर्देशित किया गया।

डीआईजी एवं एसएसपी ने अनुभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग एवं शिकायत इत्यादि का बारीकी से समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया। पुराने समस्त मामलों का अभियान चलाकर निराकरण की दिशा में तेजी से कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। लंबित PM रिपोर्ट एवं FSL रिपोर्ट की जानकारी लेकर अविलंब संबंधित अधिकारियों से सामंजस्य स्थापित कर रिपोर्ट सबमिट करने हेतु कहा गया।

बैठक में जिला लोक अभियोजन अधिकारी  विपिन शर्मा द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत चेन ऑफ कस्टडी की निरंतरता, जब्ती कार्यवाही, सैंपलिंग प्रक्रिया, मालखाना प्रबंधन तथा दोषमुक्ति के प्रमुख कारणों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रकरण में जब्त मादक पदार्थ की बरामदगी से लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने तक प्रत्येक स्तर पर विधिसम्मत कार्यवाही, दस्तावेजी साक्ष्य एवं अभिरक्षा की श्रृंखला (Chain of Custody) का सही पालन अत्यंत आवश्यक है।
 

गांजा के सैंपल लेने के संबंध में तौल कार्यवाही, सीलिंग, लेबलिंग एवं पंचनामा तैयार करने की विधि के बारे में थाना मोहर्रिर एवं विवेचना अधिकारियों को विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। बताया गया कि विवेचना अधिकारी द्वारा जब्त माल थाना में जमा करते समय विधिवत हस्ताक्षर किए जाएंगे तथा मालखाना प्रभारी द्वारा जप्ती रजिस्टर में तत्काल एवं सही इंद्राज किया जाना अनिवार्य रहेगा, जिससे कि किसी प्रकार की कमी न रहे।बैठक में यह भी बताया गया कि विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियां जैसे कि स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति, जब्ती एवं सैंपलिंग में प्रक्रिया संबंधी कमी, सील संबंधी त्रुटि, दस्तावेजों में समय एवं स्थान का स्पष्ट उल्लेख न होना, एफएसएल भेजने में अनावश्यक विलंब, तथा केस डायरी लेखन में कमी के कारण न्यायालय में आरोपी को लाभ प्राप्त हो जाता है।

लोक अभियोजन अधिकारियों द्वारा विवेचकों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक एनडीपीएस प्रकरण में विधि के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत बनाया जाए, दस्तावेजों का समुचित संधारण किया जाए तथा न्यायालयीन परीक्षण को ध्यान में रखकर जांच की जाए, जिससे अभियोजन पक्ष सुदृढ़ हो एवं आरोपी को न्यायालय से दंड सुनिश्चित किया जा सके।
 

डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह द्वारा पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय एवं वरिष्ठ कार्यालयों से जारी परिपत्र एवं परवानों के निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले में  गौ-तस्करी, अवैध शराब, अवैध कारोबार, गांजा तस्करी, जुआ, सट्टा, नशीली दवाओ के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं लघु अधिनियम, आम्र्स एक्ट जैसे अनेक विषयों पर गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिये गये। वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त षिकायतों का त्वरित निराकरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
 

अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर उसे कड़ी नाकाबंदी कर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये, जशपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतरराज्यीय मार्गों एवं प्रमुख चेक-पाइंटस पर सघन चेकिंग की जाए। अवैध कृत्य एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों, एजेंट एवं संबंधित व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए विधिसम्मत कार्यवाही की जाये। जिले की पुलिस शांति व्यवस्था भंग करने वाले उपद्रवियों, असामाजिक तत्वों पर जशपुर पुलिस की टीम लगातार नजर रखी हुई है, उनके द्वारा किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बाधित करने का प्रयास करते पाए जाने पर, पुलिस उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करेगी।

डीआईजी एवं एसएसपी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए विश्वसनीय सूत्रों का नेटवर्क बढ़ाने, सोशल मीडिया पर निगाह रखने, सूचना देने वालों की गोपनीयता सुनिश्चित करने तथा प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल सत्यापन कर आवश्यक विधिसम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से अपराधों की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने का उद्देश्य रखा गया है।एक्सीडेंट के मामलों में कमी लाने हेतु थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग करने के लिए भी निर्देशित किया है, साथ ही नशे में वाहन चलाना, 03 सवारी बैठाकर तेज रफ्तार से हाॅर्न बजाते हुए दुपहिया वाहन चलाने वालों, बिना नंबर प्लेट, ओव्हर स्पीड एवं यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्यवाही बढ़ाने के साथ मालवाहकों पर सवारी बैठाने वालों पर कड़ाई के भी निर्देश दिए गए है। डीआईजी एवं एसएसपी ने राजपत्रित अधिकारियों को विवेचकों के कार्यों की प्रतिदिन मानीटरींग कर आवष्यक दिशा-निर्देश देने हेतु निर्देषित किया गया। समस्त थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि आपके अधिनस्थ, आपके द्वारा की जाने वाली विवेचना उच्च स्तर की हो।

डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि कोई भी फरियादी थाना/चौकी से निराश होकर न लौटे, सभी के साथ शालीनता एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें एवं सभी की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच हो, साथ ही विभिन्न घटित अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए, निगरानी बदमाश/गुंडा बदमाश की थाना मे लगातार बुलाकर और निवास पर जाकर चेकिंग/परेड की कार्यवाही कराते रहें। पैदल मार्च, कांबिंग गस्त और शाम को प्रभारी स्वयं क्षेत्र मे विजिबल पुलिसिंग के लिए निकले ताकि आमजन में सुरक्षा का भाव हो, थाना/चौकी प्रभारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता की थाना में उचित सुनवाई हो जिससे कि उन्हें वरिष्ठ कार्यालय आकर शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े।
 

उक्त अपराध समीक्षा बैठक में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डा. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक  आषा तिर्की, उप पुलिस अधीक्षक  भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चैहान, डीपीओ  विपिन शर्मा, एडीपीओ विवेक शर्मा, रक्षित निरीक्षक  अरमजीत खूंटे, रीडर मुकेश कुमार झा एवं समस्त थाना/चौकी प्रभारी एवं कार्यालयीन शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। 

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