

राजपुर एवं शंकरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित,योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश
(अभीषेक सोनी) बलरामपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने एवं लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के द्वारा विकासखंडवार स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में विकासखण्ड राजपुर एवं शंकरगढ़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड निर्माण, वयवंदन कार्ड, उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी), प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, यू-विन पोर्टल में एंट्री तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) सेवाओं सहित अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।सीएमएचओ डॉ. सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान एवं वयवंदन कार्ड शत-प्रतिशत बनाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एएनसी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं सभी आवश्यक जांच समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा एवं गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। यू-विन पोर्टल में सभी टीकाकरण सत्रों की समय पर एवं शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. सिंह ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में नियमित शिविर आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही मौसमी बीमारियों जैसे दस्त, मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने, जलजमाव रोकने, स्वच्छता तथा लार्वा नियंत्रण गतिविधियों तथा लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश दिए। क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान, जांच एवं पूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित करने को कहा।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक स्मृति एक्का, खंड चिकित्सा अधिकारी सहित विकासखंड एवं जिला स्तर के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बढ़ती आबादी और दूरस्थ क्षेत्रों की जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, जहां लगभग 1 से 2 लाख की आबादी सहित आसपास के सैकड़ों गांवों, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों के लोग उपचार के लिए निर्भर हैं। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह महसूस किया जा रहा है कि केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों जैसे स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जन और फिजिशियन की उपलब्धता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही बेड क्षमता, आईसीयू/एचडीयू, ब्लड बैंक या ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा आधुनिक जांच सुविधाओं जैसे एक्स-रे, सोनोग्राफी और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता भी बताई जा रही है।वर्तमान में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर रेफर करना पड़ता है। राजपुर से अंबिकापुर की दूरी लगभग 50 से 70 किलोमीटर है, और मार्गों में वन क्षेत्र, घुमावदार सड़कें तथा कुछ स्थानों पर सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण आपातकालीन स्थिति में समय पर पहुंचना कठिन हो जाता है।
इस संबंध में सामाजिक प्रतिनिधि अभिषेक कुमार सोनी द्वारा ज्ञापन प्रस्तुत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर को सिविल/उप-जिला अस्पताल में उन्नयन करने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन में 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवा, आईसीयू/एचडीयू की स्थापना, ब्लड बैंक/ब्लड स्टोरेज यूनिट तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना जैसी सुविधाओं की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि समयानुकूल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जोखिम को कम किया जा सकेगा।
































